
Chhattisgarh School News: राजनांदगांव जिले के जर्जर और पुराने स्कूल भवनों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत चिन्हित स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया जाएगा। राज्य शासन ने जिला प्रशासन से ऐसे स्कूलों की सूची मांगी है, जहां भवन की स्थिति खराब है और विद्यार्थियों को कक्षाओं के संचालन में परेशानी हो रही है। सूची तैयार होने के बाद संबंधित स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल हैं, जिनके भवन लंबे समय से उपयोग में हैं। कुछ स्कूल भवनों की छत और अन्य हिस्से जर्जर होने के कारण बारिश के दौरान कक्षाओं के संचालन में परेशानी होती है। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित स्थान पर बैठाकर पढ़ाई कराने की चुनौती बनी रहती है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से भी कई स्थानों पर पुराने भवनों के स्थान पर नए भवन या अतिरिक्त कक्ष निर्माण की मांग प्रशासन तक पहुंचाई गई है।
राज्य शासन ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त कक्ष निर्माण को मंजूरी दी है। अब जिला स्तर पर स्कूलों की स्थिति का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर सूची तैयार की जा रही है। इसमें भवन की वर्तमान स्थिति, विद्यार्थियों की संख्या, उपलब्ध कक्ष और अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता जैसे बिंदुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
बारिश थमने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। अतिरिक्त कक्ष बनने से जर्जर भवनों में विद्यार्थियों को बैठाने की मजबूरी कम होगी और स्कूलों में पढ़ाई के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से भवन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे स्कूलों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
कलेक्टर जितेंद्र यादव ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से चिन्हांकन और सूची तैयार होने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।