कनघुर्रा के पास चंदियाडोंगरी के जंगल में पुलिस ने एक इनामी हार्डकोर माओवादी समेत तीन लोगों को मार गिराया है।
राजनांदगांव. जिले की पूर्व दिशा में बोरतलाव थाना क्षेत्र के कनघुर्रा के पास चंदियाडोंगरी के जंगल में पुलिस ने एक इनामी हार्डकोर माओवादी समेत तीन लोगों को मार गिराया है। मंगलवार सुबह जंगल में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर निकली फोर्स को यह सफलता मिली है। जंगल में एक कट्टा और 315 बोर का रायफल भी बरामद हुआ है।
बोरतलाव में पिछले कुछ समय से माओवादियों की हलचल की खबर मिल रही थी। मंगलवार को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि चंदियाडोंगरी के जंगल में कुछ माओवादी मौजूद हैं।
इस सूचना पर डीआरबी की टीम जंगल में सर्च के लिए निकली और उसका माओवादियों से आमना सामना हो गया। मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में फोर्स को तीन शव मिले हैं। इनमें से एक हार्डकोर माओवादी है जबकि बाकी के दो माओवादियों के सहयोगी हैं।
5 लाख का था इनाम
पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की पहचान दर्रेकसा एलओएस के डिप्टी कमांडर आजाद के रूप में की गई है। एएसपी (नक्सल सेल) वायपी सिंह ने बताया कि आजाद पर पांच लाख रूपए का इनाम था। उन्होंने बताया कि बाकी दो मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि ये दोनों संभवत: नक्सल सहयोगी होंगे और माओवादियों का सामना इधर से उधर लाने का काम करते रहे होंगे। पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान ये भी वहां मौजूद थे और मारे गए। सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में और भी लोगों को गोली लगी होगी लेकिन जंगल का फायदा उठाकर वे भागने में कामयाब हो गए।
जंगल में सर्चिंग जारी
एएसपी सिंह ने बताया कि फोर्स अभी जंगल से लौटी नहीं है। डीआरबी की टीम जंंगल में सर्चिंग में जुटी हुई है। शाम तक मारे गए माओवादियों के शव और हथियार सहित अन्य सामान को बोरतलाव लाए जाने की संभावना है।
पांच महीने में सात सफलता
माओवादियों के खिलाफ फोर्स को जंगल में अच्छी कामयाबी मिल रही है। इन पांच महीनों में फोर्स ने इस मुठभेड़ को मिलाकर सात माओवादियों को मार गिराया है। इससे पहले जनवरी महीने में एक, फरवरी में दो और मई के दूसरे सप्ताह में एक माओवादी को पुलिस ने मारा था।