
Ban on Meat Sales: राजनांदगांव में मांस की बिक्री और दुकानों के संचालन को लेकर सर्वसमाज ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। बुधवार को अग्रसेन भवन में आयोजित बैठक में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने शहर में मांस विक्रय के लिए निर्धारित स्थान तय करने, अवैध रूप से संचालित दुकानों पर कार्रवाई करने और खुले में मांस बेचने पर रोक लगाने की मांग की। बैठक में इन मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। साथ ही, मांगों पर कार्रवाई के लिए तीन दिन की समयसीमा तय की गई है।
बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि शहर में मांस की बिक्री और परोसने के लिए एक या दो स्थान निर्धारित किए जाने चाहिए। उनका कहना है कि मांस विक्रय के लिए निश्चित जगह होने से कारोबार को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही शहर में बिना अनुमति या अवैध रूप से संचालित मांस दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई। सर्वसमाज ने सार्वजनिक स्थानों पर खुले में मांस बेचने पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि शहर में मांस विक्रय की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नियम होने चाहिए और उनका पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि मांगों को लेकर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, महापौर, विधानसभा अध्यक्ष, स्थानीय विधायक और सांसद के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए सभी प्रतिनिधि सुबह 10 बजे अग्रसेन भवन में एकत्र होंगे। वहां से संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने जाएंगे। सर्वसमाज का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक अपनी बात पहुंचाकर शहर में मांस विक्रय की व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की जाएगी।
बैठक में सर्वसमाज ने प्रशासन को मांगों पर कार्रवाई के लिए तीन दिन का समय देने का निर्णय लिया। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन शुरू किया जा सकता है। बैठक में नगर बंद जैसे कदम उठाने पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि मांगों को लेकर सभी समाज एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे और प्रशासन के सामने अपनी बात रखेंगे। अब इस मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
राजनांदगांव में मांस विक्रय के लिए निर्धारित स्थान तय करने, अवैध दुकानों पर कार्रवाई और खुले में बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर सर्वसमाज ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, सर्वसमाज ने तीन दिन के भीतर कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।