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Cyber ​​fraud: राजनांदगांव में 1.86 लाख रुपए की साइबर ठगी, उत्तराखंड और दिल्ली से दो आरोपी गिरफ्तार

Cyber ​​fraud: खैरागढ़ में 1.86 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने उत्तराखंड और दिल्ली से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। कमीशन के बदले बैंक खाते और एटीएम देने का आरोप।
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Cyber ​​fraud

उत्तराखंड और दिल्ली से दो आरोपी गिरफ्तार (Photo Patrika)

Cyber ​​fraud Rajnandgaon: ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों की रकम हड़पने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ खैरागढ़ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने उत्तराखंड और दिल्ली से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर बैंक खातों के माध्यम से 1 लाख 86 हजार 600 रुपए की धोखाधड़ी की रकम के लेन-देन में संलिप्त रहने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते और एटीएम दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते थे। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

बैंक खातों के जरिए हुआ धोखाधड़ी की रकम का लेन-देन

मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, साइबर ठगी से हासिल रकम के लेन-देन में बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस की जांच में आरोपियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उनकी तलाश की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उत्तराखंड और दिल्ली से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी कथित तौर पर कमीशन के बदले अपने बैंक खाते और एटीएम उपलब्ध कराते थे। साइबर ठगी से प्राप्त रकम को ऐसे खातों के माध्यम से ट्रांसफर करने या निकालने की आशंका की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खातों का इस्तेमाल किन लोगों ने किया और धोखाधड़ी की रकम किन-किन माध्यमों से आगे भेजी गई।

कमीशन के लालच में खाते उपलब्ध कराने का आरोप

साइबर अपराधों में ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मामले में भी पुलिस की जांच का केंद्र बैंक खातों और एटीएम के जरिए हुए लेन-देन की कड़ियां हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर कमीशन लेकर बैंक खाते और एटीएम उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों को खाते उपलब्ध कराने के बदले कितना कमीशन मिलता था और इस पूरी प्रक्रिया में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।

अंतरराज्यीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश

उत्तराखंड और दिल्ली से आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस बैंक खातों के लेन-देन, एटीएम के इस्तेमाल और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में गिरफ्तार आरोपियों के नाम, उनकी उम्र और ठगी के शिकार व्यक्ति या व्यक्तियों का विवरण सामने नहीं आया है। पुलिस की आगे की जांच से नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और धोखाधड़ी की रकम के पूरे लेन-देन का खुलासा होने की उम्मीद है।