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गौरीनगर गौहत्या कांड के नागपुर कनेक्शन की जांच की मांग, पूरे नेटवर्क का खुलासा करने पर जोर

Gaurinagar Cow Slaughter Case: गौरीनगर गोहत्या मामले में विहिप और बजरंग दल ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की मांग की है।
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Chhattisgarh Crime News

गौरीनगर गोहत्या मामले में नए खुलासों की मांग (Photo Source- Patrika)

Chhattisgarh Crime News: शहर के गौरीनगर क्षेत्र में गोवंश की हत्या, सिर काटकर फेंकने और कथित तौर पर मांस की बिक्री के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस जहां मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की मांग की है। संगठन का दावा है कि इस मामले के तार नागपुर तक जुड़े हैं और गोवंश की तस्करी तथा मांस की बिक्री का कथित कारोबार लंबे समय से संचालित होने की आशंका है।

Police Investigation: संभावित नेटवर्क की पड़ताल

प्रारंभिक जांच के आधार पर मुख्य आरोपी के नागपुर निवासी होने और मांस खरीदने वालों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस स्थानीय स्तर पर जुड़े लोगों और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। आरोप है कि मुख्य आरोपी गोवंश को कटवाने के बाद मांस का एक हिस्सा राजनांदगांव में बेचता था, जबकि शेष हिस्सा नागपुर ले जाकर बेचा जाता था। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क और कारोबार की अवधि को लेकर जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

विहिप और बजरंग दल ने गोलबाजार में संचालित मटन मार्केट को पूरी तरह बंद करने की मांग उठाई है। साथ ही गोहत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज करने और कार्रवाई में कथित ढिलाई को लेकर चिखली चौकी प्रभारी को हटाने की मांग भी की है।प्रभावी अंकुश लगाने की उम्मीद गोहत्या कांड के बाद अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं। स्थानीय नेटवर्क, कथित खरीदारों और नागपुर से जुड़े संपर्कों की जांच से ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। वहीं, प्रशासन और संबंधित विभागों की नियमित निगरानी से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की उम्मीद की जा रही है।

मोबाइल नंबर से खुलेंगे राज

बजरंग दल ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में शामिल आरोपियों और कथित खरीदारों के मोबाइल नंबरों की जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि संबंधित लोगों के संपर्कों की पड़ताल से स्थानीय नेटवर्क और दूसरे संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी मिल सकती है। ज्ञापन में गौरीनगर क्षेत्र में घर-घर जाकर बाहरी लोगों की पहचान और सत्यापन कराने की मांग भी की गई है। संगठन ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका सामने लाने की अपील की है।

Mobile Number Tracking: चिकन-मटन सेंटरों की नियमित जांच पर जोर

शहर में तेजी से खुल रहे चिकन और मटन सेंटर भी अब चर्चा के केंद्र में हैं। स्थानीय स्तर पर कई श्रमिक बस्तियों में दो से तीन स्थानों पर ऐसे सेंटर संचालित होने की बात कही जा रही है। मांग उठ रही है कि नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग इन दुकानों की नियमित जांच करें तथा लाइसेंस, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन तय कराएं। इन सेंटरों के माध्यम से गोमांस की बिक्री होने की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन इसे लेकर कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए
आरोपों की पुष्टि करना और तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा।