
MMA Police Action: 176 मामलों से जुड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश(photo-patrika)
MMA Police Action: छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। साइबर अपराध के खिलाफ मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पश्चिम बंगाल से गिरोह के मुख्य सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह से जुड़े एक वर्चुअल बैंक खाते के जरिए देशभर में 1 लाख 71 हजार से अधिक लोगों को निशाना बनाया गया था। इस खाते से जुड़े 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 176 आपराधिक मामले सामने आए हैं।
मामले की शुरुआत खड़गांव थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 06/26 से हुई थी। यह मामला BNS की धारा 318(4) के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक पीड़ित से 3 लाख 12 हजार 348 रुपये की ठगी की गई थी। ठगी की रकम अलग-अलग नौ बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी।इसके बाद पुलिस ने बैंकिंग लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण शुरू किया। जांच आगे बढ़ने पर इस मामले का कनेक्शन दूसरे राज्यों में सामने आए साइबर अपराधों से जुड़ता गया।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े सबसे ज्यादा 54 मामले कर्नाटक में दर्ज मिले। इसके बाद बिहार में 46 और तेलंगाना में 28 मामले सामने आए। उत्तर प्रदेश में 10, केरल में 8, महाराष्ट्र में 7, जबकि हरियाणा और तमिलनाडु में 6-6 मामले दर्ज मिले। दिल्ली में 4 और पश्चिम बंगाल में 3 मामले सामने आए। इसके अलावा अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और राजस्थान में भी एक-एक FIR दर्ज मिली।
इस साइबर नेटवर्क का कनेक्शन मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, जिले के अलग-अलग थानों में गिरोह से संबंधित 31 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र से 15, खड़गांव से 9, मोहला से 3, मानपुर से 2 और गोटाटोला व मदनवाड़ा थाने से एक-एक शिकायत शामिल है।
पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी। जांच में सामने आया कि नेटवर्क से जुड़े आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। जिला पुलिस की विशेष टीम ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन, वर्चुअल बैंक खाते और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। लगातार मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची और 30 सितंबर 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आदित्य रजक को गिरोह का मुख्य सरगना बताया है। वह पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के उत्तरपारा थाना क्षेत्र के कोननगर नवोग्राम का रहने वाला बताया गया है। उसके साथ कृष्णा चौधरी और सुमन वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों नॉर्थ 24 परगना जिले के टीटागढ़ थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य बैंक खातों, लेन-देन और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस कार्रवाई में प्रशिक्षु उप निरीक्षक अब्दुल रियाज, सहायक उप निरीक्षक धन सिंह महिलांगे, आरक्षक आशीष जोगी, आरक्षक नर्मदा प्रसाद पैकरा, महिला सहायक आरक्षक सरिता जाड़े और जिले की साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने लोगों से अनजान बैंक खातों, संदिग्ध लिंक और वर्चुअल बैंकिंग से जुड़े किसी भी झांसे में नहीं आने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी होने पर तुरंत नजदीकी थाने या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें, ताकि ठगी से जुड़े लेन-देन को जल्द ट्रैक कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
Updated on:
01 Oct 2026 03:45 pm
Published on:
01 Oct 2026 03:45 pm
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