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सरकार गा रही विकास का गान! राजनांदगांव में 82 किमी हाईवे बदहाल, टोल नाके पर वसूली पूरी

Rajnandgaon Highway: सरकार विकास का गान गा रही है, लेकिन जिले में अंजोरा से बागनदी तक करीब 82 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
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Chhattisgarh News

82 किमी हाईवे पर गड्ढों का जाल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: सरकार विकास का गान गा रही है, लेकिन राजनांदगांव जिले के अंजोरा से बागनदी तक करीब 82 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल तस्वीर अलग ही कहानी बयां कर रही है। हाईवे पर जगह-जगह छोटे-बड़े सैकड़ों गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर गड्ढे 8 से 10 इंच तक गहरे हैं।

सड़क के किनारे डामर की परत उखड़ चुकी है, जबकि कई हिस्सों में सड़क धंसने लगी है। ऊपरी परत उखड़ने के बाद जीरा गिट्टी सड़क पर बिखरी पड़ी है, जिससे दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बारिश थमने के बाद भी कई हिस्सों में समुचित मरम्मत नहीं होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है।

रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही

अंजोरा से बागनदी के बीच इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहन और चार पहिया वाहन गुजरते हैं। ठाकुरटोला स्थित टोल नाके पर इन वाहनों से नियमित रूप से शुल्क की वसूली की जाती है। टोल व्यवस्था के तहत क्रेन, एंबुलेंस, मार्ग गश्ती और आपातकालीन सहायता जैसी सुविधाएं भी अपेक्षित हैं, लेकिन वाहन चालकों का कहना है कि सड़क की मौजूदा स्थिति के मुकाबले सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नजर नहीं आते। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जर्जर सड़क के बीच वाहन चालकों की सुरक्षित आवाजाही की जिम्मेदारी कौन निभाएगा।

मवेशियों के कारण बढ़ रहा दोहरा खतरा

हाईवे पर कई स्थानों पर मवेशियों के झुंड भी बैठे नजर आते हैं। खासकर रात के समय सड़क पर बैठे मवेशियों और गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार हाल के दिनों में इसी मार्ग पर मवेशियों के कारण हुए हादसों में दर्जनभर से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद हाईवे पर मवेशियों की आवाजाही रोकने और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रभावी व्यवस्था की जरूरत बनी हुई है।

मेंटेनेंस के नाम पर खानापूर्ति की शिकायत

वाहन चालकों के मुताबिक रात में गड्ढे स्पष्ट नजर नहीं आते। अचानक पहिया गड्ढे में पड़ने से वाहन का संतुलन बिगड़ने के साथ टायर, पहिए और अन्य कल-पुर्जों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि शहर के आसपास कुछ हिस्सों में मरम्मत की गई है, लेकिन बाहरी क्षेत्रों में सड़क की स्थिति अब भी खराब है। कुछ स्थानों पर गड्ढों में जीरा गिट्टी डालकर मरम्मत की औपचारिकता पूरी करने की शिकायत भी सामने आ रही है।

11 दिन बाद गुजरेंगे हजारों पदयात्री

डोंगरगढ़ जाने वाले हजारों पदयात्रियों की आवाजाही भी इसी मार्ग से होगी। दुर्ग-भिलाई और रायपुर की ओर से आने वाले पदयात्रियों के लिए अंजोरा बाइपास से राजनांदगांव तक मार्ग को वन-वे किया जाता है। ऐसे में सड़क पर मौजूद गड्ढे और बिखरी गिट्टी पदयात्रियों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है। भीड़ बढ़ने के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर चुनौती और बढ़ने की आशंका है।

कंपनी का दावा- लगभग पूरी हो चुकी मरम्मत

अशोका बिल्डकॉन कंपनी के मैनेजर मुकेश देवांगन के मुताबिक बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर डामर की परत उखड़ गई थी। गड्ढों की मरम्मत का काम लगभग पूरा हो चुका है।

कलेक्टर ने दिए सुधार के निर्देश

कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मुताबिक एनएच के अधिकारियों को सड़क की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक समझाइश दी गई है।

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