कोहकासांकर दाहरा मार्ग में श्मशान घाट का निर्माण, किसानों ने लगाई आपत्ति
राजनांदगांव / डोंगरगांव. नगर पंचायत डोंगरगांव के कोहका सांकरदाहरा मार्ग पर नाले से लगा हुआ श्मशान घाट बनाने का कार्य प्रस्तावित किया गया है। किसानों के लगातार विरोध और आपत्ति के बावजूद स्थानीय प्रशासन इसी स्थल पर कार्य प्रारंभ कराने में आमादा है। बता दें कि करियाटोला वार्ड में कई एकड़ शासकीय जमीनें हैं, जहां मुक्तिधाम आसानी से बनाया जा सकता है। इसके साथ ही श्मशान घाट के लिए पहले ही भूमि आरक्षित है लेकिन कुछ ग्रामीणों की हठधर्मिता के चलते और व्यक्तिगत लाभ को देखते हुए ऐसी जगह का चयन किया गया है, जहां नाला बहता है और इस नाले में कई एकड़ जमीनों से होकर पानी बहता है। इस नाले में आठ माह तक पानी भरा होता है, जिससे यहां बनने वाले मुक्तिधाम की लागत तो बढ़ेगी ही साथ ही अंत्येष्ठी क्रियाकर्म के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
किसानों ने विधायक से मुलाकात कर बताई पीड़ा
इस संबंध में विधायक दलेश्वर साहू से कुछ किसानों ने मुलाकात कर अपनी समस्या को बताया था जिस पर विधायक मौके पर भी गए थे और पटवारी से वर्तमान स्थल के साथ ही करियाटोला में शासकीय जमीनों की स्थिति बताने कहा था, लेकिन हठधर्मिता के चलते दूसरे दिवस ही इस स्थल पर कार्य प्रारंभ करवा दिया गया। जिसके बाद समीपस्थ किसानों ने आपत्ति दर्ज की है।
जानबूझकर अधिक शासकीय राशि खर्च किया जा रहा
इस मामले में किसानों ने चर्चा के दौरान बताया कि शहर के विकास को देखते हुए मुख्य मार्ग और चौराहे पर मुक्तिधाम बनाने का नगर पंचायत द्वारा लिया गया निर्णय बिल्कुल गलत है। इस स्थल पर आठ माह तक पानी ही भरा रहता है और जानबूझकर अधिक शासकीय राशि खर्च किया जा रहा है। जबकि श्मशान घाट के लिए पहले से ही अन्यत्र भूमि आबंटित है और करियाटोला क्षेत्र में कई एकड़ शासकीय जमीन भी उपलब्ध है। बता दें कि इस मार्ग और चौक से होकर ग्राम कोहका, सांकरदाहरा, देवरी सहित अन्य ग्रामों के स्कूली बच्चों के साथ ही ग्रामीण गुजरते हैं और शहर से लगे होने की वजह से यहां के ग्रामीण देर रात्रि तक इस मार्ग से आवाजाही करते हैं। वहीं शहर के वरिष्ठ नागरिक व महिलाएं इस मार्ग पर प्रात: टहलने निकलते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए इस चौक का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए था जबकि यहां श्मशान घाट बनाया जा रहा है, इससे इस चौक में कोई भी अन्य कार्य के लिए सारे रास्ते ही बंद हो जाएंगे।