
दिग्विजय कॉलेज (फोटो सोर्स- पत्रिका)
PG Admission 2026: राजनांदगांव जिले के शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातकोत्तर (पीजी) प्रवेश प्रक्रिया को लेकर नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के क्रियान्वयन पर विवाद गहरा गया है। बता दें कि महाविद्यालय ने 27 जुलाई को जारी सूचना में स्पष्ट किया था कि पीजी प्रवेश उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश मिलने के बाद ही शुरू होगा, लेकिन अब तक एक वर्षीय पीजी तथा सातवें और आठवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों की पात्रता को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
इसके बावजूद प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अब कॉलेज प्रबंधन ने पीजी कक्षाओं में प्रवेश के लिए पहली सूची भी जारी कर दी है।
विद्यार्थियों ने बताया कि कि चार वर्षीय ऑनर्स एवं रिसर्च पाठ्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों को एक वर्षीय पीजी का लाभ मिलने का भरोसा देकर अतिरिक्त एक वर्ष पढ़ाया गया, लेकिन अब उन्हें दो वर्षीय पीजी में प्रवेश लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पहले तो कॉलेज प्रबंधन ने 24 जुलाई को ऑनलाइन पोर्टल बंद कर दिया गया। कई विद्यार्थी एक वर्षीय कोर्स शुरू होने की आस में आवेदन नहीं नहीं कर पाए हैं। इससे विद्यार्थी छला हुआ महसूस कर रहे हैं।
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव राजा यादाव ने सरकार से तत्काल एक वर्षीय पीजी को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने, सातवें एवं आठवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों की स्थिति स्पष्ट करने और उनके शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द निर्णय नहीं होने पर वे छात्र-छात्राओं के साथ लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
पूर्व पार्षद एवं छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष-सचिव ऋषि शास्त्री ने भाजपा सरकार पर छात्रों के साथ भेदभाव, अन्याय और धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिग्विजय कॉलेज को नई शिक्षा नीति की प्रयोगशाला बना दिया गया है। उन्होंने इसे सरकार की नीतिगत विफलता बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा हजारों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
Updated on:
30 Jul 2026 11:23 am
Published on:
30 Jul 2026 11:23 am
