Krishna Janmashtami 2024: नाथद्वारा में बिराजित प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में जन्माष्टमी 26 अगस्त एवं नंद महोत्सव 27 अगस्त को मनाया जाएगा। ठाकुरजी के जन्म पर रात 12 बजे रिसाला चौक में 21 तोपों की सलामी दी जाएगी।
Krishna Janmashtami 2024 : नाथद्वारा। कृष्ण जन्माष्टमी दो दिवसीय त्योहार मनाने को लेकर मंदिर मंडल एवं मंदिर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। इस उत्सव को लेकर खासा उत्साह है। नाथद्वारा में बिराजित प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में जन्माष्टमी 26 अगस्त एवं नंद महोत्सव 27 अगस्त को मनाया जाएगा। ठाकुरजी के जन्म पर रात 12 बजे रिसाला चौक में 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। मन्दिर में जन्माष्टमी के दिन मन्दिर के राजपुरोहित प्रात:काल श्रृंगार के दर्शन होंगे और श्रीकॄष्ण की जन्मकुण्डली मणिकोठे से सुनाई जाएगी। जन्मोत्सव के दूसरे दिन नन्दमहोत्सव मनाया जाएगा।
मन्दिर में श्रीजी के बड़े मुखिया नन्दबाबा का स्वरूप धारण केसर युक्त दही, छाछ का छिड़काव ग्वाल बालों के संग मिलकर किया जाएगा। इस दौरान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को श्रीजी के सामने पालने में झुलाएंगे। छठी पूजन की रस्म परम्परानुसार की जाएगी। मन्दिर के द्वारों पर कुमकुम, दूध-दही के छापे लगाए जाएंगे। तोपों की सार-संभाल शुरू कर दी है। 26 अगस्त को दोनों तोपों से 21 बार सलामी दी जाकर खुशियां मनाई जाएगी।
श्रीजी बावा को कराया जाएगा पंचामृत स्नान कराया जाएगा। जन्माष्टमी के दिन प्रात: मंगला की झांकी के दर्शन खुलेंगे। इसके बाद श्रीजी बावा के भाल पर कुमकुम का तिलक लगाया जाएगा। फिर श्रीजी बावा को घी, शहद, मिश्री का बुरा, दूध, दही से पंचामृत स्नान कराया जाएगा। ये कार्य श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत राकेश महाराज एवं उनके पुत्र विशाल बावा द्वारा किया जाएगा। ये दर्शन लगभग दो घंटे से भी अधिक समय तक खुले रहेंगे। शाम को मंदिर मंडल के तत्वावधान में शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसमें सजी झांकियां आकर्षण का केन्द्र होंगी। सुखपाल में श्रीकृष्ण की बाल स्वरूप की छवि पधराई जाकर शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए रिसाला चौक आएगी।
त्योहार के मद्देनजर माणक चौक एवं मोतीमहल चौक में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो। इसको लेकर कंट्रोल रूम सहित टैक्सी स्टेण्ड, सब्जी मण्डी, गोविन्द चौक, लालबाजार एवं महादेवजी की घाटी से दो पहिया वाहन प्रवेश आदि को लेकर भी प्रशासन के द्वारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। पार्किंग को लेकर भी मंदिर मंडल की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई है।
26 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दर्शन खुले रहने का संभावित समय मंगला (पंचामृ़त) प्रात: 4.45 बजे से लगभग डेढ़ घंटे तक
श्रृंगार प्रात: साढ़े 9 बजे लगभग एक घंटा तक
राजभोग दोपहर साढ़े 12 बजे से लगभग एक घंटा तक खुले रहेंगे।
भोग आरती शाम साढ़े 7 बजे से लगभग एक घंटा तक
जागरण के दर्शन रात साढ़े 8 बजे से लगभग तीन घंटा तक खुले रहेंगे।
27 अगस्त को दर्शन खुले रहने का संभावित समय केसरयुक्त दही, छाछ छिड़काव प्रात: साढे़ 7 से 11बजे तक
मंगला/ श्रृंगार अपरान्ह सवा 12 बजे से लगभग आधा घंटा तक, राजभोग अपरांह लगभग सवा 2 से लगभग एक घंटा तक। उत्थापन देर शाम 7 बजे से लगभग आधा घंटा तक होंगें। भोग आरती के दर्शन रात 8 बजे से लगभग एक घंटा तक खुले रहेंगें।
मुख्य निष्पादन अधिकारी चेतन कुमार ने बताया कि जन्माष्टमी एवं नन्द महोत्सव को दर्शन के लिए महिलाओं व पुरूषों का प्रवेश चौपाटी से मन्दिर मार्ग होते हुए नक्कारखाना गेट से होगा। निकासी मोतीमहल व नक्कारखाना के तीसरे गेट से रहेगी। 27 अगस्त को प्रात: साढ़े 7 से 11 बजे तक के दर्शन में महिलाओं का प्रवेश प्रीतमपोली व पुरुषों का प्रवेश नक्कारखाना से होगा। निकासी मोतीमहल व नक्कारखाना के तीसरे गेट से रहेगी।