Newborn Baby Found in Bushes: शौर्य भूमि हल्दीघाटी में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है।राजसमंद के खमनोर में हल्दीघाटी के पास बलीचा गांव के किनारे नेशनल हाइवे 162-ई के मुहाने स्थित एक होटल के पीछे झाड़ियों में शुक्रवार सुबह एक नवजात शिशु (बालक) पड़ा मिला।
Newborn Baby Found in Bushes: शौर्य भूमि हल्दीघाटी में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है।राजसमंद के खमनोर में हल्दीघाटी के पास बलीचा गांव के किनारे नेशनल हाइवे 162-ई के मुहाने स्थित एक होटल के पीछे झाड़ियों में शुक्रवार सुबह एक नवजात शिशु (बालक) पड़ा मिला। नवजात शिशु एक दिन या दो दिन का बताया जा रहा है।
पुलिस नवजात के परिजनों की तलाश में जांच में जुट गई है। शिशु का नाथद्वारा के सरकारी अस्पताल की एनआईसीयू में इलाज चल रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
नवजात बलीचा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के ठीक सामने सड़क के पार स्थित एक होटल के करीब 40 फीट पीछे झाड़ियों में पड़ा मिला। होटल संचालक को सुबह करीब 7 बजे शिशु के रोने की आवाज आई। उसने नवजात शिशु देखा गांव के लोग को सूचना दी। स्थानीय निवासी शैलेश गिरी गोस्वामी, सत्यनारायण श्रीमाली, किशन श्रीमाली, नितेश वैष्णव, शंभू रेबारी सहित कई लोग मौके पर पहुंचे और खमनोर थाना पुलिस को सूचित किया।
पुलिस व ग्रामीण नवजात शिशु को लेकर खमनोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद शिशु को रेफर किया गया। शिशु को नाथद्वारा स्थित श्रीगोवर्धन राजकीय जिला चिकित्सालय में ले जाया गया, जहां उसे एनआईसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती कराया। बच्चे का इलाज चल रहा है।
खमनोर सीएचसी प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश लाठी ने बताया कि शिशु को जब अस्पताल लाया गया, तब उसकी उम्र 24 घंटे से अधिक है। शिशु के शरीर पर कांटों व झाड़ियों से खरोचें और हल्की चोटें आईं। शिशु का एनआईसीयू में इलाज चल रहा है और फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है।
इधर, बलीचा गांव के लोगों ने मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताते हुए इस शिशु के माता-पिता को पकड़ने और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। खमनोर थाना पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया और घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
हल्दीघाटी में मिले अनजान नवजात शिशु को जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने अपने संरक्षण में ले लिया है। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष एडवोकेट कोमल पालीवाल ने बताया कि डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। शिशु के इलाज व पालन-पोषण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। शिशु के पूर्ण स्वस्थ्य होने के बाद बाल कल्याण समिति शिशु के जीवन से जुड़ी अग्रिम कार्रवाई करेगी।