राजसमंद

इस जिले की लाइफ लाइन को साफ करने के लिए उतारी 220 लोगों की टीम…पढ़े पूरी खबर

ग्राम पंचायत के माध्यम से मनरेगा के श्रमिकों से कराया जा रहा सफाई का काम दस दिनों में काम पूरा होने की उम्मीद, खारी फीडर से झील में होती है पानी की सप्लाई

2 min read
खारी फीडर की सफाई करती मनरेगा श्रमिक

राजसमंद. राजसमंद झील की लाइफ लाइन कही जाने वाली खारी फीडर की सफाई काम जोर-शोर से चल रहा है। पंचायत की मनरेगा श्रमिकों के फीडर की सफाई कराई जा रही है। आगामी दस दिनों में उक्त कार्य पूरा होने की उम्मीद है।

नंदसमंद से झील में आता है पानी

बारिश के दौरान नाथद्वारा स्थित बाघेरी का नाका के ओवरफ्लो होने पर उसका पानी नंदसमंद में पहुंचता है। वहां से पानी खारी फीडर के माध्यम से राजसमंद झील के लिए छोड़ा जाता है। नंदसमंद से राजसमंद झील तक खारी फीडर की लम्बाई 32.40 किलोमीटर है और उसकी चौड़ाई 4.60 मीटर है। पिछले साल भी पूरे मानसून के दौरान खारी फीडर से झील में पानी की आवक हुई थी। इसके बाद से खारी फीडर बंद पड़ा है। खारी फीडर में गंदगी जमा हो गई है। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका के 20 जून के अंक में ‘यूं तो राजसमंद झील हो जाएगी मैली…’ शीषर्क से फोटो स्टोरी प्रकाशित की गई। इसमें बताया कि खारी फीडर में मरे हुए जानवर पड़े हैं। जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा हुआ है। यदि उसमें जमा गंदगी को साफ नहीं किया गया तो बारिश के दौरान खारी फीडर के चलने पर गंदगी राजसमंद झील में पहुंच जाएगी। इससे झील का पानी दूषित हो जाएगा। इस पर सिंचाई विभाग की ओर से गत दिनों आनन-फानन में ग्राम पंचायत में मनरेगा की श्रमिकों से सफाई का कार्य प्रारंभ कराया गया है। सिंचाई विभाग के जेईएन दिनेश कुमावत ने बताया कि जिन-जिन पंचायतों से खारी फीडऱ गुजर रही है। वहां की सफाई की जिम्मेदारी उस पंचायत की मनरेगा के श्रमिकों को दी गई है। उनसे ही यह कार्य करवाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से सफाई का दौर जारी है। अब काम में तेजी लाकर आगामी 10 दिनों में इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि मानसून की कभी भी अच्छी बारिश शुरू हो सकती है।

पंचायत श्रमिकों की संख्या

  • पसुंद 50
  • पीपरड़ा 48
  • बड़ारडा 30
  • मुंडोल 40
  • सुंदरचा 52

झील का जलस्तर 15.90 फीट, अच्छी बारिश की दरकार

जिले में अभी तक मानसून की अच्छी बारिश नहीं हुई है। जिला मुख्यालय पर ही पिछले दो दिनों बादल छाए हुए हैं, लेकिन बारिश नहीं हुई। राजसमंद झील का वर्तमान में जलस्तर 15.90 फीट पहुंच गया है। झील से शहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति होती है। आगामी दिनों में मानसून की अच्छी बारिश की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल बिपरजॉय तूफान के चलते गोमती नदी से पानी की आवक होने एवं खारी फीडर के कई माह तक चलने से झील छलकी थी। झील से इस बार बुवाई और दो बार सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया है।

Published on:
02 Jul 2024 11:32 am
Also Read
View All

अगली खबर