राजसमंद में सामने आई अन्नपूर्णा रसोईघर योजना की गफलत, शहर की बजाय गांवों में घूम रही मोबाइल वेन
राजसमंद. गरीब तबके के ऑटो चालक, ठेला चालक, श्रमिकों को नि:शुल्क नाश्ता व भोजन के लिए ललचा कर आपूर्ति करने वाले ट्रस्ट ने गरीबों का निवाला ही छीन लिया। अब ये लोग रोज सुबह, शाम और दोपहर तय जगह पर चक्कर काट रहे हैं, मगर न तो अन्नपूर्णा रसोईघर वेन मिल रही है और न ही उनकी पेट की भूख मिट पा रही है। गरीबों के साथ हो रहे कू्रर मजाक को लेकर नगरीय निकाय के साथ ही जीवन सम्बल चेरिटेबल ट्रस्ट की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। खास बात यह है कि ट्रस्ट का दावा यह है कि सवायत्त शासन विभाग के निर्देश पर ही मोबाइल वेन की लोकेशन बदल कर गांवों में भोजन पहुंचाने की सुविधा शुरू की है, जबकि इस व्यवस्था से नगरपरिषद सभापति से लेकर संबंधित पंचायत के सरपंच तक ने अनभिज्ञता जता दी।
पहले यहां खड़ी रहती थी वेन
राजनगर फव्वारा चौक, धोइंदा बस स्टैंड, कांकरोली बस स्टॉप, मुखर्जी चौराहा और हाउसिंग बोर्ड राजसमंद में अन्नपूर्णा रसोईघर मोबाइल वेन के खड़ी रहने का स्थायी स्टैंड था। इसी तरह नाथद्वारा बस स्टैंड पर एक मोबाइल वेन खड़ी रहती थी। अब करीब दस दिनों से सभी वेन के आने व जाने और तय स्थल पर मिलने की कोई गारंटी नहीं है।
पत्रिका वॉच में खुली पोल
पत्रिका टीम द्वारा राजसमंद व नाथद्वारा में तय स्थलों का जायजा लिया, तो एक भी जगह अन्नपूर्णा रसोईघर की मोबाइल वेन नहीं मिली। टीम गांवों की तरफ भी गई, जहां से अन्नपूर्णा वेन के आगे से आगे जाने की खबरें मिलती रही, मगर स्थायी तौर पर कहीं ठहराव नहीं रहा।
भूखे रहने को मजबूर गरीब
अन्नपूर्णा रसोईघर योजना शुरू होने के बाद राजसमंद शहर के कई छिटपुट व सस्ते भोजन वाले ठेले भी बंद हो गए। इसके चलते अब गरीब तबके के लोगों के लिए सस्ती दर पर भोजन मिलना भी मुनासिब नहीं हो रहा है। अब कई गरीब तबके के लोगों के भूखे मरने की नौबत आ गई है।
यह है नाश्ते व भोजन की दर
अन्नपूर्णा मोबाइल वेन में नाश्ते की दर 5 रुपए है, जबकि पोष्टिक भोजन 8 रुपए में मिल रहा है।
::: समस्या गरीबों की जुबानी :::
दिनभर वेन का इतंजार
सरकार ने पहले तो नियमित सस्ता भोजन देकर हम सबको ललचाया और आदी बना दिया। अब दस दिनों से वेन को बंद ही कर दिया। दिनभर इंतजार करते ही रह गए। यह गरीब तबके के लोगों के साथ धोखा है।
गणेश तेली, श्रमिक राजनगर
आ गई भूखे रहने की नौबत
अन्नपूर्णा रसोईघर योजना में नियमित भोजन मिल रहा था। अब न नाश्ता मिल रहा है और न ही भोजन। अब भूखे रहने की नौबत आ गई है।
गोवर्धन गुर्जर, श्रमिक राजनगर
बैरंग लौटने को मजबूर
कई दिनों से रसोई वेन का आना बंद है। कई श्रमिक वर्ग के लोग यहां आ रहे हैं, मगर वेन नहीं होने से वापस बैरंग मायूस होकर लौटने को मजबूर है।
जगदीश लखारा, ठेला संचालक राजनगर
नहीं बदलेगी लोकेशन, दिए निर्देश
शहरी क्षेत्र में निर्धारित स्थान पर ही अन्नपूर्णा रसोईघर योजना की वेन खड़ी रहने के लिए निर्देशित कर दिया है। कल से ही सभी वेन तय स्थल पर खड़ी रहेगी। अब किसी को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
सुरेश पालीवाल, सभापति नगरपरिषद राजसमंद