
केलवा. एक तरफ जहां सरकार आमजन को बचत के प्रति प्रोत्साहित करने को लेकर बैंक से जोडऩे के लिए जनधन खाता खोलने समेत विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही है। वहीं, कस्बे में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा द्वारा उपभोक्ताओं को ग्राहक सेवा केन्द्र भेजकर और संतोषजनक व्यवहार नहीं करते हुए हतोत्साहित किया जा रहा है। कस्बे की एसबीआई शाखा मेें खाताधारकों को चाहे रुपए जमा करवाने हों, निकलवाने हों या खाता खुलवाना हो और यहां तक कि कोई अन्य जानकारी लेनी हो तो भी बैंक कर्मचारियों की ओर से ग्राहक सेवा केंद्र भेज दिया जाता है। इसके साथ ही बीस हजार रुपए से कम की राशि तो बैंक में जमा करने से स्पष्ट इन्कार ही कर दिया जाता है। ऐसे में शाखा से करीब 100 मीटर दूर स्थित ग्राहक सेवा केंद्र पर भीड़ लगी रहती है, जिससे कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खाता धारकों का समय व्यर्थ होता है। इस संबंध में खाताधारक रामलाल सालवी, सोनु सिंह, दिनेश मौर्य, रेखा देवी और प्रेमलाल गमेती ने बताया कि बैंक में 5 कर्मचारी होने के बावजूद हर कार्य के लिए ग्राहक सेवा केंद्र भेज दिया जाता है। इसको लेकर विरोध करने पर बैंक के प्रबंधक द्वारा कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती है। बताया कि जिन लोगों को इस संबंध में थोड़ी जानकारी होती है वे ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचकर कार्य करवा लेते हैं, परन्तु ग्रामीण व कम पढ़े-लिखे लोगों को इस केंद्र तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है।
केन्द्र पर खाता खुलवाने के सौ रुपए अतिरिक्त
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राहक सेवा केन्द्र पर खाता खुलवाने की स्थिति में ग्राहकों से सौ रुपए अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। जबकि, बैंक प्रबंधन की ओर से बताया गया कि ग्राहक सेवा केंद्र पर खाता धारकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता है। बैंक में भीड़ से बचने के लिए ही कम राशि जमा कराने वालों को और बैंक खाता खोलने आदि की गतिविधियों के लिए लोगों को वहां भेजा जाता है।
बैंक में काम ज्यादा
ग्राहक सेवा केन्द्र पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता। रही बात व्यवहार की तो काम ज्यादा होने की वजह से चिड़चिड़ापन तो आ ही जाता है, सुधार की कोशिश की जाएगी।
अविनाश वर्मा, शाखा प्रबंधक, भारतीय स्टेट बंैक, केलवा