
अश्वनीप्रतापसिंह @ राजसमंद. तमाम कोशिशों के बावजूद बेटियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इसका खुलासा हुआ है चिकित्सा विभाग द्वारा करवाए सर्वे में। विभाग ने सरकार के आदेश पर जिले के चार उपखंड मुख्यालयों में अतिकुपोषित बच्चों का सर्वे करवाया। सर्वे में चिह्नित अतिकुपोषित बच्चों को पूरक अहार देने की योजना है। अतिकुपोषित बच्चों में लडक़ों की तुलना में करीब 28 फीसदी बेटियां ज्यादा अतिकुपोषित पाई हैं। गौरतलब है कि प्रदेश के २० चिह्नित जिलों में आईएमएएम/सीएमएएम (समेकित कुपोषण प्रबंधन/समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन) के तहत सर्वे कार्य पूरा किया गया है। अभियान में महिला एवं बाल विकास को भी जोड़ा गया है और अतिकुपोषित ब"ाों के साथ ही चिह्नित ब्लॉक के गांवों में गर्भवतियों, नवजात शिशुओं की देखभाल की भी विशेष जिम्मेदारी है। इस अभियान के तहत आशा व क्षेत्र की चिकित्सा टीम गर्भवतियों की सम्पूर्ण जांचे करवाने, उनका पंजियन करने, सतप्रतिशत टीकाकरण करने, नवजात की घर जाकर देखभाल करने की विशेष जिम्मेदारी है। राजसमंद सहित प्रदेश के 20 चिह्नित जिलों बांसवाड़ा, बाड़मेर, बूंदी, करौली, धौलपुर, डूंगरपुर, जैसलमेर, जालोर, प्रतापगढ़, सिरोही, उदयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चूरू, चितौडग़ढ़, झालावाड़,़ जोधपुर में यह अभियान चला है। कुपोषण अभियान के तहत जिले में सर्वे कार्य पूरा हो चुका है, चिह्नित बच्चों को अभी पूरक अहार देने के आदेश नहीं मिलने से अतिकुपोषित बच्चे सरकार का मुंह ताक रहे हैं।
चारों ब्लॉकों की स्थिति
जिले के चार ब्लॉकों के गांवों करवाए गए सर्वे में एक जैसी ही स्थिति है, एक भी ब्लॉक ऐसा सामने नहीं आया है जहां अतिकुपोषण में बेटियों की संख्या कम और बेटों कम मिली हो।
जिले में यहां हुआ सर्वे
अभियान के तहत जिले के चार ब्लॉकों के करीब १८० गांव-ढाणियों में सर्वे किया गया। इसमें राजसमंद के १२ कुंवारिया, फियावड़ी, महासतियों की मादड़ी, वणाई, पीपली आचार्यान, मोही, राज्यावास, नाकली, फरारा, साकरोदा, सुंदरचा, सांगठकला। रेलमगरा के ११ रेलमगरा, चोकड़ी, सिंदेसरकला, सादड़ी, बनेडिया, पीपली डोडियान, कुरज, खंडेल, गिलूंड, जवासिया, जुणदा। आमेट के ८ सरदरगढ़, जिलोला, घोसुंडी, आगरिया, दोवड़ा, सेंगावास, जेतपुरा, सिरोड़ी। देवगढ़ ब्लॉक के ८ चिकित्सा संस्थानों से जुड़े गांव लसानी, मदारिया, मियाला, ताल, ईशरमंड, काकरोद, पुनियाना, सोहनगढ़ चिकित्सा संस्थानों से जुड़े गांवों में सर्वे कार्य किया गया है।
विभाग के आदेश पर सर्वे कार्य पूरा करवाया है, सर्वे में बेटों की तुलना में बेटियों की संख्या ज्यादा सामने आई है। जिले के चारों ब्लॉकों में बेटियों की संख्या ज्यादा है।
- डॉ. सुरेश मीणा,
आरसीएचओ, राजसमंद