राजसमंद

CONTROVERSY : भाई को भाई पर नहीं रहा भरोसा, खतरें में द्वारकाधीश की मूरत : दोनों पक्षों ने मांगी सुरक्षा गारंटी

अधिकमास को लेकर फिर पीठाधीश और दोनों भाई हुए आमने सामने
2 min read
Rajsamand news,Rajsamand Hindi news,rajsamand latest news,rajsamand news in hindi,rajsamand latest hindi news,rajamand,rajsamand latest hindi news rajsamand,rajsamand latest news rajsamand,Latest News rajsamand,Latest hindi news rajsamand,

राजसमंद. श्री द्वारकाधीश मंदिर के गोस्वामी परिवार में लंबे समय से चल रहे झगड़े और अधिकमास मनोरथ के विवाद के बाद अब भाई का भाई पर भरोसा नहीं रह गया है। पीठाधीश ने छोटे भाईयों से ठाकुरजी की मूर्ति को खतरा बताया है, जबकि छोटे भाईयों ने भी पीठाधीश पर यही आरोप दोहराया है। साथ ही दोनों पक्षों ने मूर्ति की सुरक्षा का पल्ला झाड़ते हुए देवस्थान विभाग और जिला प्रशासन से मूर्ति सुरक्षा की गारंटी लेने की मांग की है। जानकारी के अनुसार 16 मई से 13 जून 2018 तक श्री द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली के अधिकमास मनोरथों को लेक पीठाधीश ब्रजेश कुमार और उनके छोटे भाई गोस्वामी पराग कुमार व शिशिर कुमार का आपसी मतभेद अब ठाकुरजी की मूर्ति सुरक्षा तक पहुंच गया है। श्री प्रभु की सेवा पूजा पुष्टीमार्गीय परंपरा के तहत सिर्फ पीठाधीश व उनके गोस्वामी परिवार का सदस्य ही मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश कर सकता है और सेवा करता है। अन्य व्यक्ति का मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश ही वर्जित है। मनोरथ के दौरान भी ठाकुरजी की सेवा गोस्वामी परिवार के ही जिम्मे रहती है, मगर अब पीठाधीश और उनके दोनों ही छोटे भाईयों ने एक दूजे पर अविश्वास जताते हुए ठाकुरजी की मूर्ति सुरक्षा पर संदेह जता दिया है। साथ ही दोनों पक्ष अब देवस्थान विभाग और जिला प्रशासन से मूर्ति सुरक्षा की गारंटी लेने की मांग पर अड़ गए हैं। इससे सवाल उठ रहा है कि बाहरी सुरक्षा विभाग, प्रशासन व पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा सकती है, मगर मूर्ति की सेवा तो सिर्फ गोस्वामी परिवार का सदस्य ही कर सकता है और उसके आस पास सुरक्षाकर्मी तो क्या आम के भी जाने की अनुमति नहीं है।

पीठाधीश बोले- छोटे भाईयों को पाबंद कराओ
26 अप्रेल रात नौ से ग्यारह बजे तक श्री द्वारकाधीश मंदिर में पीठाधीश ब्रजेश कुमार ने विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। बैठक में वे बोले कि अधिकमास में होने वाले मनोरथों के दौरान ठाकुरजी की मूर्ति शमित हुई या और कोई गड़बड़ हुई, तो उसकी गारंटी कौन लेगा। मुझे तो उन पर विश्वास नहीं है। आप नगरजन यह कर सकते हैं कि कलक्टर या पुलिस के माध्यम से उनको बॉंड लिखवा लें, ताकि कोई गड़बड़ न हो।

मूर्ति सुरक्षा की प्रशासन ले गारंटी
अधिकमास के दौरान ठाकुरजी के प्रधारने के दौरान कुछ गड़बड़ या मूर्ति शमित हो गई, तो कौन जिम्मेदार रहेगा। इस पर छोटे दोनों भाई (पिताजी पराग कुमार व काकाजी शिशिर कुमार) इसके अंगेस्ट में है। ठाकुरजी की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन होगा, यह देवस्थान तय करें। हम दोनों भाई नहीं। क्योंकि अग्निकांड व नकली मूर्ति को लेकर अब भी पर्दा डाल रखा है। अब भी शहरवासियों के साथ हमारे आचार्य समाज को भी गुमराह कर रखा है। इस लिए प्रशासन मूर्ति सुरक्षा की गारंटी तय करें।

चर्चा कर निकालेंगे हल, देंगे सुरक्षा
मंदिर के मनोरथ को लेकर बाहरी सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट है। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया जाएगा। मूर्ति की आंतरिक सुरक्षा तो गोस्वामी परिवार के जिम्मे ही है। वे ही सेवा पूजा करते हैं। अन्य कोई तो उसके पास भी नहीं जा सकता। फिर भी जो हो सकेगा। गोस्वामी परिवार व मंदिर मंडल से बात कर हल निकाल लेंगे और आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
पीसी बेरवाल, जिला कलक्टर राजसमंद

Published on:
01 May 2018 12:31 pm