Admission Drive 2026: निजी विद्यालयों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और गिरते नामांकन की चुनौती से निपटने के लिए इस बार शिक्षा विभाग ने नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। प्रवेशोत्सव अभियान 27 मार्च से 11 जुलाई तक दो चरणों में संचालित होगा। प्रथम चरण 27 मार्च से 2 मई तक तथा द्वितीय चरण 4 मई से 11 जुलाई तक चलेगा।
Admission Drive 2026: निजी विद्यालयों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और गिरते नामांकन की चुनौती से निपटने के लिए इस बार शिक्षा विभाग ने नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। इसी के तहत सत्र 2026-27 के लिए प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा शिक्षा निदेशक सीता राम जाट ने बीते 25 मार्च को जारी की।
प्रवेशोत्सव अभियान 27 मार्च से 11 जुलाई तक दो चरणों में संचालित होगा। प्रथम चरण 27 मार्च से 2 मई तक तथा द्वितीय चरण 4 मई से 11 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान शिक्षकों को नामांकन वृद्धि पर विशेष ध्यान देते हुए अनामांकित, ड्रॉपआउट, प्रवासी श्रमिकों के बच्चों एवं बाल-श्रम से मुक्त कराए गए बालक-बालिकाओं को विद्यालय से जोड़ने के लिए हाउसहोल्ड सर्वे करना होगा।
प्रथम चरण (27 मार्च – 2 मई 2026)
-शेष बच्चों का पुनः सर्वे: 4 मई से 4 जुलाई
27 मार्च से 11 जुलाई तक नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। अभिभावकों को विद्यालय में आमंत्रित कर प्रवेश समिति से परिचय कराया जाएगा और प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। नए विद्यार्थियों का स्वागत तिलक, माला आदि से विद्यालय की परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा, ताकि उनमें उत्साह और अपनत्व का भाव विकसित हो।
प्रवेशोत्सव के तहत एक व्यक्ति-एक प्रवेश अभियान के जरिए समुदाय, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों और ग्रामीणों का सहयोग लिया जाएगा। लक्ष्य यह है कि आंगनवाड़ी या विद्यालय जाने योग्य आयु का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। आंगनवाड़ी में अध्ययनरत 5-6 वर्ष के सभी बच्चों का कक्षा 1 में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए अस्थायी प्रवेश और प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था भी की गई है।
प्रवेशोत्सव ऐप के माध्यम से हर घर का सर्वे अनिवार्य किया गया है। जिन घरों में प्रवेश योग्य बच्चे नहीं हैं, उनकी जानकारी भी दर्ज करनी होगी। इससे वास्तविक स्थिति का आंकलन कर शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। घुमंतू, अर्द्धघुमंतू एवं विमुक्त जातियों के बच्चों के अधिकाधिक नामांकन के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि समाज का कोई भी वर्ग शिक्षा से अछूता न रहे।