रेलमगरा क्षेत्र में थी मांग, कृषि विभाग की आपूर्ति
रेलमगरा. फसल पैदावार में जिले में सबसे अग्रणी माने जाने वाले रेलमगरा तहसील क्षेत्र के समतली भाग पर उपजवार बढ़ाने के लिए विगत कई वर्षों से पर्याप्त मात्रा में जिप्सम उपलब्ध कराने की मांग क्षेत्रभर से उठती रही थी। इस पर अब विभाग ने जिप्सम उपलब्ध करवा दी है तो उसके खरीददार नहीं मिल रहे हैं। जिप्सम की मांग को ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने भी किसानों की इस मांग को वाजिब ठहराते हुए कई बार रियायती दर में उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय क्रय-विक्रय सहकारी समिति को निर्देश भी दिए। किसानों की लगातार मांग के साथ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से मिले निर्देशों के बाद सहकारी समिति रेलमगरा ने इस बार आगामी खरीफ फसल की बुवाई से पूर्व काश्तकारों को जिप्सम उपलब्ध कराने के लिए आई.पी.एल. कंपनी से कुल 170 मेट्रीक टन जिप्सम की खरीदी की है। किसानों तक इसकी पहुंच आसानी से बनाने के लिए सहायक कृषि अधिकारियों से चर्चा कर स्थानीय सहकारी समिति में 620, गिलूण्ड में 1200, कुरज में 6 30, मेहन्दूरिया में 720 बैग पहुंचा दिए हैं। इन केन्द्रों पर जिप्सम पहुंचे दो सप्ताह से भी अधिक समय हो चुका, लेकिन अभी तक चारों केन्द्रों पर एक भी बैग जिप्सम की बिक्री नहीं हो पाई है। ऐसे में मांग के बावजूद काश्तकारों द्वारा जिप्सम की खरीदी नहीं करना क्रय -विक्रय सहकारी समिति के गले की फांस बनता जा रहा है। वैसे तो विभिन्न कंपनियां बिना नगद भुगतान के जिप्सम उपलब्ध नहीं कराती, लेकिन स्थानीय क्रय- विक्रय सहकारी समिति की साख एवं कृषकों की मांग को देखते हुए आईपीएल ने क्षेत्र के लिए कुल 3400 बैग जिप्सम उपलब्ध करा दिया और 15 दिन में जिप्सम की बिक्री कर कंपनी में राशि जमा कराने की रियायत दे दी। लेकिन, 15 दिनों में एक बैग भी जिप्सम नहीं बिकने सेअब समिति के सामने कंपनी को करीब 4 लाख रुपए की राशि का भुगतान करने की समस्या उत्पन्न हो रही है। ऐसे में समिति के कर्मचारी एवं सदस्य किसानों को जिप्सम की खरीदी के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
हां नहीं हुई बिक्री
रेलमगरा, गिलूण्ड, कुरज एवं मेहन्दूरिया स्थित केन्द्रों पर 135 रुपए प्रति बैग की दर से जिप्सम उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन फिलहाल एक बैग की बिक्री भी नहीं हुई है।
लोभचंद्र अहीर, अध्यक्ष, क्रय- विक्रय सहकारी समिति रेलमगरा