राजसमंद जिले के लाल मादड़ी स्थित फैक्ट्री में लगी थी आग, 14 घंटे बाद आई काबू में
नाथद्वारा. क्षेत्र के सबसे बड़े औद्योगिक समूह मिराज की लालमादड़ी स्थित नमकीन फैक्ट्री में लगी आग के बाद उस क्षेत्र में हर तरफ महज राख का ढेर ही दिखाई दे रहा है। इससे नुकसान का अनुमान नहीं लग पाया है। वहीं आग पर रविवार देर रात्रि को काबू पाया जा सका। मिराज की फैक्ट्री क्षेत्र में सोमवार को प्रात: से ही जहां आग लगी थी उस परिसर क्षेत्र में कार्मिक वहां राख के ढेर में तब्दिल हुए सामान को बाहर निकालने में लगे हुए थे। इस दौरान मिराज समूह के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित एवं लक्ष्मण दिवान भी मौजूद थे, जो यहां आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। फैक्ट्री के बेसमेंट से दिनभर राख में तब्दिल हुए मलबे को ही निकालने का क्रम जारी रहा। इससे कितना नुकसान हुआ इसका आंकलन नहीं हो पाया।
उत्पादन हुआ ठप
फैक्ट्री में आग लगने के बाद से ही मिराज के विभिन्न नमकीन जैसे स्नेक्स आदि जुड़े उत्पाद को बनाने वाली मशीनों आदि से कार्य ठप हो गया है। उधर, रविवार सुबह दिन निकलने से पूर्व लगी आग रविवार देर रात्रि को दो बजे बाद जाकर काबू में आई। आग पर नाथद्वारा नगर पालिका, मंदिर मंडल, राजसमंद एवं देबारी व उदयपुर से आए अग्निशमन वाहनों ने काबू पाया।
खेत में आग से घास जली
चारभुजा. ग्राम पंचायत मानावतों का गुड़ा के पावलिया गांव में सोमवार अपरान्ह के समय खेत पर रखे घास के कुन्दवों में आग लगने से घास पूरी तरह से जल गई। पालिया निवासी किशनसिंह पुत्र वगतसिंह परमार, हीरसिंह पुत्र किशनसिंह परमार, मोडाराम पुत्र रूपा भील, नाहरसिंह पुत्र खुमाणसिंह परमार, मानसिंह पुत्र वगतसिह परमार, स्वरूप सिंह पुत्रमानसिंह परमार के घास के आठ कुन्दवे खेत पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर अलग-अलग जगह रखे हुए थे। इनमें अपरान्ह करीब 3.30 बजे आग लग गई। इस पर ग्रामीणंों ने तत्काल आग पर काबू पाने के प्रयास किए, लेकिन तेज हवााएं चलने से वे आग को काबू नहीं कर पाए। ग्रामीणों ने राजसमंद में अग्निशमन को भी सूचना दी, लेकिन दमकल वाहन भी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे पूरी घास के साथ ही पास में ही बनी एक खाद की रोड़ी भी जलकर राख ाहो गई। इस दौरान पटवारी महेन्द्रसिंह चारण , चारभुजा थाने के हेड कांस्टेबल प्रतापसिंह, कांस्टेबल रघुनाथ विश्नोई आदि सूचना पर मौके पर पहुंचे।