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NEGLIGENCE : नया शैक्षिक सत्र हो गया शुरू, मगर सरकार की मंशा के अनुरुप पहले दिन विद्यालयों तक नहीं पहुंची किताबें

निदेशक ने पहले ही दिन विद्यार्थियों को पुस्तकें वितरित करने के दिए थे निर्देश

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राजसमंद. शिक्षा विभाग का नया शिक्षण सत्र मंगलवार से शुरू होगा। शिक्षाविभाग ने इसकी सभी तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। बस पेंच फंस रहा है नई किताबों का। क्योंकि इस वर्ष शिक्षा निदेशक ने नए सत्र के प्रथम दिन ही बच्चों को निशुल्क दी जाने वाली पुस्तकें देने के आदेश दिए हैं, लेकिन अभीतक राजस्थान पुस्तक मंडल द्वारा नोडल केंद्रों को पुस्तकें ही नहीं पहुंचाई गई हैं। गौरतलब है कि स्कूलों के विद्यार्थियों को ५० फीसदी पुरानी व ५० फीसदी नई पुस्तकें मिलेंगी। जिन कक्षाओं का कोर्स बदला है, उन कक्षाओं को सभी पुस्तकें नई दी जाएंगी। जबकि अभीतक नई पुस्तकें आई ही नहीं हैं। प्राथमिक शिक्षा में कक्षा एक से तीन तक का कोर्स बदला गया है। इन कक्षाओं के सभी विद्यार्थियों को नई पुस्तकें दी जाएंगी। इसीतरह कक्षा १२ के विज्ञान संकाय में जीव विज्ञान सैद्धांतिक व प्रायोगिक, कृषि विज्ञान, कृषि जीव-विज्ञान, कृषि-रसायन विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, भू विज्ञान व संस्कृत शिक्षा के विद्यार्थियों की सामान्य विज्ञान विषय की पाठ्य पुस्तकें बदली गई हैं। इस विषयों के विद्यार्थियों को पुस्तकें नई दी जाएंगी।

यह पुस्तकें नहीं होंगी वापस
कक्षा ९वीं की हिंदी व्याकरण, रचना प्रबोध, कक्षा ११ की संवाद सेतु, ऐच्छिक हिंदी, हिंदी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास, पुस्तकें अध्ययनरत विद्यार्थियों से नहीं ली जाएंगी। इन पुस्तकों का उपयोग विद्यार्थी अगली कक्षाओं में कर सकेंगे। नव प्रवेशित विद्यार्थियों को ये पुस्तकें नई दी जानी हैं। कक्षा ११ व १२ की भूगोल, प्रायोगिक पुस्तक में अभ्यास पुस्तिका शामिल होने से यह पुस्तक भी विद्यार्थियों से वापस नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं।

इन्हेंं मिलती हैं निशुल्क किताबें
सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले कक्षा ८ तक के सभी विद्यार्थियों को और कक्षा ९ से १२ तक पढऩे वाली सभी छात्राओं तथा अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों तथा ऐसे छात्र जिनके माता-पिता आयकर नहीं देते उन्हें यह पुस्तकें दी जाएंगी।

एक भी पुस्तक नहीं रख सकते संस्था प्रधान
संस्थाप्रधानों को आवश्यकता से अधिक एक भी पुस्तक नहीं रखने को कहा गया है। अधिक होने पर नोडल केंद्र पर जमा करवानी होगी। हर जिले के जिला नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी शैक्षिक को अधीनस्थ विद्यालयों को मांग के अनुसार पुस्तकें वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नहीं आई नई किताबें...
राज्यपुस्तक मंडल की ओर से अभीतक नोडल वितरण केंद्रों को ही पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। जो पुरानी किताबें हैं, उन्हीं को देकर काम चलाया जाएगा, नई पुस्तकों की डिमांड भेज रखी है, जैसे ही आ जाएंगी, बच्चों को दी जाएंगी।
भरत कुमार जोशी, जिलाशिक्षाधिकारी (माध्यमिक), राजसमंद