
राजसमंद. फ्लोराइड की समस्या से जूझ रही ११ और ढाणियों को शीघ्र ही शुद्ध पेयजल मुहैया होगा। विभाग ने जिले के २२५ गांव, ढाणियों को फ्लोराइड के पानी से मुक्ति दिलाने के लिए सौरऊर्जा डीएफयू (सोलर डी फ्लोरिडेशन यूनिट) संयंत्र लगाए हैं, जिन्हे ११ और जगह लगाया जाएगा। गौरतलब है कि जिले की विषम भौगोलिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सौरऊर्जा से संचालित प्लांट लगवाए गए हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग द्वारा फ्लोराईड प्रभावित जल गुणवत्ता वाले विभिन्न गांवों एवं मजरों में 225 सोलर डी फ्लोरिडेशन यूनिट हालही में स्थापित किए गए हैं। बताया जाता हैइससे करीब पचास हजार की आबादी लाभान्वित हो रही है।
इन 11 गांवों में लगेंगे
जलदाय विभाग के अनुसार जिले के कुंभलगढ़ ब्लॉक के कणुजा पंचायत के देवरों की भागल व उमरवास के कितेला में, भीम ब्लॉक के काछबली पंचायत के मानाकी तलाई, पायरी, कालादेह पंचायत के आमनेर, उपलीधोती, पीपली पंचायत में दो जगह, देवगढ़ ब्लॉक के कलालों की आंती, आंजना पंचायत के सालियों का खेड़ा व कालेसरिया में जीवा का खेड़ा में यह संयंत्र शीघ्र ही लगाए जाएंगे।
यह लेगे हैं
ब्लॉक संख्या
भीम 6 9
देवगढ़ 40
आमेट 55
कुम्भलगढ़ 18
राजसमंद 9
रेलमगरा 29
खमनोर 6
कुल २२५
ऑटोमेटिक होता है संचालन
ये सामुदायिक जल शुद्धि संयंत्र सोलर ऊर्जा से ऑटोमेटिक संचालित है। इनके लिए बिजली लाइन की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि सूर्य के प्रकाश से प्राप्त ऊर्जा से ये चल रहे हैं। ये सभी प्लांट स्वचालित हैं, सौर ऊर्जा आधारित पंप लगा होने से सुबह 8 बजे से सांय 6 बजे तक चलता है। इसमें 5 हजार लीटर की प्लास्टिक की टंकी लगी है।
पानी शुद्धता के लिए लगा है डी-फ्लोरीडेशन
टंकी के पानी में से फ्लोराइड की मात्रा कम करने के लिए डी-फ्लोरीडेशन संयंत्र लगाया गया है। इसके माध्यम से पानी सार्वजनिक नल में आता है। इस प्लांट में 4 नल लगे हैं। जिसमें से 2 पीने के पानी के लिए तथा शेष 2 अन्य उपयोग के लिए हैं। इन्हें नीले एवं लाल रंग से चिह्नित किया गया है।
मोबाइल से होती है निगरानी
इस प्लांट मेंं यू वी प्रोटेक्श यंत्र ?र भी लगाया गया है। जिससे डी-फ्लोरीडेशन के साथ-साथ जीवाणु रहित शुद्ध पेयजल उपलब्ध होता है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए रिमोट मॉनिटरिंग युनिट लगाई गई है। जिससे मोबाइल के माध्यम से प्लांट पर होने वाली समस्त तकनीकी गतिविधियों की निगरानी रखी जाती है।
रात में रोशनी की व्यवस्था
रात्रि में रोशनी के लिए सोलर एलईडी लाइट भी लगाई गई है। प्लांट में किसी कारण खराबी होने पर दुरस्ती के लिए टोल फ्री नम्बर 18 00 18 06 010 संचालित है, जिसे वहां आमजन की सुविधा के लिये प्रदर्शित किया गया है। इस पर सूचित करने पर 24 घण्टे में प्लांट ठीक कर दिया जाता है।
11 और ढाणियों में लगाएंगे...
जिले में इस तरह के संयंत्र लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्धता का लाभ बड़ी संख्या में ग्रामीणों को मिलने लगा है तथा इन संयंत्रों की आशातीत सफलता एवं उपादेयता के कारण आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब सौर ऊर्जा चलित पेयजल संयंत्रों की ओर रुझान बड़ा है। अभी हम जिले के ११ और ढाणियों में ऐसे संयंत्र लगाएंगे।
निर्मल चित्तौड़ा, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिक विभाग, राजसमंद
Published on:
01 May 2018 09:33 am
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