संवत 2075 में शासक रहेंगे परेशान
राजसमंद. परिधावी नामक संवत्सर 2075 रविवार से शुरू होगा। यह वर्ष आमजन के लिए सुख समृद्धि भरा रहेगा। वहीं इस वर्ष दो ज्येष्ठ माह (अधिक माह) होने तथा तारा अस्त होने से शादी समारोह कम होने के योग हैं। साथ ही यह वर्ष शासकों के लिए कठिनाई भरा रहेगा। शासन प्रशासन में खीचतान की स्थिति बनने का योग बताया जाता है। राजश्री ज्योतिष अनुसंधान संस्थान के पंडित भरत कुमार खंडेलवाल ने बताया कि वर्ष का राजा सूर्य रहेगा। यह वर्ष राजा पद सूर्यदेव को प्राप्त है। इस वर्ष में आमजन के लिए शुभ संकेत हैं, वहीं शासक वर्ग के लिए यह कष्टदाई रहेगा। वर्ष प्रगति उन्नत कारक होगा और अद्वितीय विकास कार्य होंगे।
इस वर्ष होंगे दो ज्येष्ठ माह
जेष्ठ मास दो (अधिक माह) होंगे। अर्थात ज्येष्ठ मास पुरुषोत्तम माह होगा व वर्ष में दो सोमवती अमावस्या होंगी। पहली वैशाख कृष्णा अमावस्या तथा दूसरी माघ कृष्णा अमावस्या होगी।
शनिदेव होंगे वर्ष के मंत्री
खंडेलवाल ने बताया कि वर्ष का मंत्री पद शनिदेव को प्राप्त है। इसलिए ब्यूरोक्रसी प्रशासक वर्ग निरंकुश होगा, कार्यपालिका एवं विधायिका में खीचतान रहेगी। प्रशासनिक अधिकारी निरंकुश होंगे। वर्ष २०७५ की स्थिरता के चार स्तम्भ जल, तृण, वायु, अन्न हैं। गणनानुुसार इनमें से वायु, अन्न स्तम्भ ही बलवान हैं, इसलिए यह वर्ष मध्यम उन्नति कारक होगा।
वर्ष में पांच ग्रहण
इस वर्ष कुल पांच ग्रहण पड़ेंगे। जिसमें तीन सूर्य तथा दो चंद्र ग्रहण होंगे। भारत में केवल एक चंद्र ग्रहण देखा जा सकेगा। यह ग्रहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा (२७ जुलाई) को रात्रि में होगा।
कम होंगी शादियां
नवम्बर-दिसम्बर २०१८ में तारा (गुरु) अस्त होने से इस वर्ष औसत से २५ फीसदी शादियां कम होंगी। देवोत्थापन एकादशी पर भी तारा अस्त होने से विवाह लग्न नहीं हैं। इसके तहत मई माह में ४ लग्न, जून में ८, जुलाई में ६, दिसम्बर में २, जनवरी में ९, फरवरी में ४, मार्च में ७ लग्न होंगे।