Fake Accident Murder: राजसमंद में देवगढ़ थाना क्षेत्र के बग्गड गांव में देवीसिंह रावत की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस हत्या की साजिश में मृतक का सगा भाई भी शामिल था।
Fake Accident Murder: राजसमंद में देवगढ़ थाना क्षेत्र के बग्गड गांव में देवीसिंह रावत की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस हत्या की साजिश में मृतक का सगा भाई दूधसिंह उर्फ दिनेशसिंह भी शामिल था, जिसने दुर्घटना बीमा की राशि हड़पने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस उपाधीक्षक राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि मामले में प्रारंभ में संदिग्ध मृत्यु का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। थानाधिकारी देवगढ़ मुकेश कुमार चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। संदेह के आधार पर 4 आरोपियों से हुई पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि दूधसिंह ने पहले देवीसिंह का दुर्घटना बीमा करवाया और बीमा राशि हड़पने के लिए उसकी हत्या की योजना बनाई। दोनों भाई गुजरात में काम करते थे। होली के बहाने जमीन की रजिस्ट्री कराने का झांसा देकर देवीसिंह को घर बुलाया गया। 4 मार्च को जस्साखेड़ा में टीकमसिंह के घर पर भगवानसिंह और सुरेन्द्रसिंह के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई गई।
6 मार्च को दूधसिंह ने पैसे लाने का बहाना बनाकर देवीसिंह को भगवानसिंह के साथ मोटरसाइकिल पर भेजा। करमाल चौराहा ले जाकर उसे शराब पिलाई गई और उसका मोबाइल फ्लाइट मोड पर कर दिया गया। इसके बाद कामलीघाट क्षेत्र में पुलिया के पास सभी आरोपी इकट्ठा हुए और दोबारा शराब पिलाई गई। बाद में देवीसिंह को कुण्डेली रोड की ओर ले जाकर कच्चे रास्ते में हैंडपंप के पास पत्थरों से सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए आरोपियों ने देवीसिंह को उसकी बाइक सहित सड़क पर गिरा दिया, ताकि मामला एक्सीडेंट लगे। वारदात के बाद आरोपी खेतों के रास्ते भागकर अपने-अपने घर लौट गए।
7 मार्च 2026 को दूधसिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके भाई की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। उसने बताया कि रात में देवीसिंह ननिहाल कुण्डेली गया था और सुबह लौटते समय एक अज्ञात बाइक की टक्कर से गिरकर उसकी मौत हो गई।
थानाधिकारी मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि घटना के समय देवीसिंह के साथ भगवानसिंह मौजूद था और उसी दौरान मोबाइल बंद हुआ। इसके बाद सभी संदिग्धों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में दूधसिंह उर्फ दिनेशसिंह (27), भगवानसिंह (28), सुरेन्द्रसिंह (29) और टीकमसिंह (30) को गिरफ्तार किया है। इस पूरे खुलासे में थानाधिकारी मुकेश कुमार चौधरी, सउनि लुम्बसिंह, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, हरिराम गुर्जर, कांस्टेबल मोहित, सुरेश, रामचंद्र, नंदकिशोर एवं राजू चौधरी की अहम भूमिका रही।