राजसमंद

Nathdwara: 46 दिन बाद कब्र से निकाला शख्स का शव, पत्नी के एक खुलासे से खुली हत्या की पोल

राजसमंद के खमनोर में 46 दिन बाद दफन शव निकाला गया। पत्नी सीमा देवी ने चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए आईजी से शिकायत की थी। मंदिर में शराब पीने का विरोध करने पर मारपीट से मौत हुई थी। पुलिस ने एफएसएल और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करा जांच शुरू की।
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Aug 20, 2026
husband body dug up after 46 days as wife claims murder
दफन शव डेढ़ महीने बाद निकाला (पत्रिका फोटो)

नाथद्वारा (राजसमंद): राजसमंद जिले के खमनोर थाना क्षेत्र की मचींद पंचायत के कराई गांव में 36 साल के एक व्यक्ति की मौत के बाद सामाजिक रिवाज के अनुसार शव को दफना दिया गया। लेकिन मृतक की पत्नी द्वारा गांव के चार लोगों पर लगाए गए हत्या के आरोप पर पुलिस प्रशासन को 46 दिन बाद शव को जमीन से निकलवाना पड़ा। एफएसएल टीम ने सबूत और नमूने जुटाए, वहीं मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम किया। कार्रवाई के बाद शव को फिर से दफना दिया गया।

मृतक की पत्नी ने पति की हत्या होने का आरोप लगाते हुए 29 जुलाई को आईजी को रिपोर्ट दी थी। थाना पुलिस ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मर्ग का मामला दर्ज कर इस प्रकरण की तह तक पहुंचने के लिए जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि मचींद के कराई निवासी सुरेश (36) पुत्र प्रभुदास रंगास्वामी की 3 जुलाई को मौत हो गई थी।

हत्या के आरोप पर शव को निकलवाते पुलिस-प्रशासन के अधिकारी

शव निकलवाकर पोस्टमॉर्टम करवाया

इस संबंध में मृतक की पत्नी सीमा देवी ने आईजी के समक्ष प्रस्तुत होकर रिपोर्ट दी थी, जिस पर 31 जुलाई को मर्ग का मामला दर्ज किया था। इसी कड़ी में बुधवार को एसपी व नाथद्वारा एसडीएम के आदेश पर शव निकलवाकर पोस्टमॉर्टम करवाया गया। सुबह 11 बजे थानाधिकारी नरेंद्र सिंह भाटी जाप्ते के साथ कराई गांव पहुंचे।

खमनोर सीएचसी प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश लाठी के नेतृत्व में डॉ. लक्ष्मीकांत, डॉ. आशीष गर्ग सहित एफएसएल व मेडिकल बोर्ड की टीम भी पहुंची। करीब एक बजे एसडीएम भागीरथ सिंह के पहुंचने के बाद शव को निकलवाने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस-प्रशासन ने शव निकलवाकर मौके पर ही पोस्टमॉर्टम करवाया। मेडिकल बोर्ड व एफएसएल टीम द्वारा पोस्टमॉर्टम करने, नमूने जुटाने व फिर से शव को दफनाने की इस कार्रवाई में 4 घंटे लगे।

मंदिर में शराब पीने से रोका तो हुई थी मारपीट

खमनोर थाना क्षेत्र के कराई निवासी प्रार्थिया सीमा देवी पत्नी सुरेश दास ने उदयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को 29 जुलाई 2026 को दी रिपोर्ट में बताया कि 3 जुलाई को उसके पति सुरेश दास और बड़ा पुत्र अजय गांव के आवरीमाता मंदिर में सो रहे थे। रात्रि करीब 3 से 4 बजे के बीच 4 लोग शराब के नशे में धुत होकर बोतल मंदिर में ले आए और शराब पीने लगे। पति ने उन्हें मंदिर में शराब पीने से रोका तो वे उसके पति के साथ लड़ाई-झगड़ा और मारपीट की। उनमें से एक ने बड़ा पत्थर उठाकर उसके पति के पेट पर मारा, जिससे वह अचेत हो गया।

दफन शव डेढ़ महीने बाद निकाला

बेटे को दी थी जान से मारने की धमकी

तीन अन्य उसके पति से लात-घूंसों से मारपीट की। ये सारा घटनाक्रम पुत्र अजय देख रहा था। एक आरोपी ने उसके बेटे को किसी को बताने पर उसे भी जान से मार देने की धमकी दी। आरोपी सुबह होने तक मंदिर पर ही बैठे रहे और शराब पीते रहे। इसके बाद गांव के लोगों को मंदिर में आता देख वहां से भाग गए।

पुत्र अजय ने घर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। वह मंदिर गई और पति को लेकर नाथद्वारा हॉस्पिटल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रार्थिया ने आरोप लगाया कि सभी आरोपी हॉस्पिटल भी आ गए और पुलिस में रिपोर्ट देने पर उसे व पांच बच्चों को जान से मारने की धमकियां दी। यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने पति का पोस्टमॉर्टम भी नहीं करने दिया और गांव में लाकर दफना दिया।

Updated on:
20 Aug 2026 11:05 am
Published on:
20 Aug 2026 11:04 am