राजसमंद

राजस्थान पंचायत चुनाव के बीच BJP-कांग्रेस को झटका: महापंचायत में कुमावत समाज का एलान- किसी दल का टिकट नहीं लेंगे

राजसमंद में पंचायतीराज चुनाव से पहले कुमावत समाज की महापंचायत हुई। समाज ने भाजपा-कांग्रेस से दूरी बनाने और चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी उतारने की रणनीति पर मंथन किया।
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Oct 06, 2026
Kumawat Mahapanchayat Rajsamand
राजसमंद. कुमावत समाज रूणपंछोर चौकी संस्थान में हुई पंच पटेलों की बैठक में हाथ उठाकर संकल्प लेते कुमावत समाज के लोग

राजसमंद. पंचायतीराज चुनाव की आहट के बीच कुमावत समाज ने अपनी सियासी ताकत का एहसास कराने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को हुई जिला महापंचायत में समाज ने राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व को लेकर खुलकर मंथन किया। भाजपा-कांग्रेस से दूरी बनाने से लेकर चुनाव में किसी दल का टिकट नहीं लेने और समाज की ओर से निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारने तक के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। महापंचायत में लिए गए इन फैसलों से आगामी पंचायतीराज चुनाव में कुमावत समाज की राजनीतिक रणनीति को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आई। कुमावत समाज रूणपंछोर चौकी संस्थान में हुई महापंचायत में चारों चौकियों के वरिष्ठ पंच-पटेल, 84 गांवों के पंच-पटेल, समाज के वरिष्ठजन और बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी में राजनीतिक भागीदारी को लेकर पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए। महापंचायत में समाज ने राजनीतिक दलों से दूरी बनाने और अपने दम पर राजनीतिक निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया। महापंचायत में भाजपा और कांग्रेस दोनों राजनीतिक दलों से सामाजिक बहिष्कार/दूरी बनाए रखने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही भाजपा विधायक दीप्ति माहेश्वरी, भाजपा जिला अध्यक्ष जगदीश पालीवाल, आदित्य प्रताप सिंह एवं कांग्रेस पदाधिकारियों का सामाजिक स्तर पर बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।

सामाजिक अनुशासन पर भी सख्त रुख

महापंचायत में सामाजिक अनुशासन को लेकर भी कड़ा प्रस्ताव सामने आया। इसमें कहा गया कि यदि समाज सामूहिक रूप से किसी राजनीतिक निर्णय पर पहुंचता है और कोई समाजजन दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा पाया जाता है, तो इस विषय में समाज स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। इस मुद्दे पर समाज के विभिन्न लोगों ने अपने विचार रखे।

ये रहे मौजूद

महापंचायत में श्री कुमावत समाज रूणपंछोर चौकी संस्थान के अध्यक्ष सुंदर दोराया, महामंत्री सुंदर सिंगनवाल, कोषाध्यक्ष मोहनलाल माननिया, बनास चौकी अध्यक्ष सीताराम कुमावत, मंत्री रोशन खटोर, कोषाध्यक्ष रमेशलाल कुमावत, बामणिया चौकी अध्यक्ष कालू सिरोटा, मंत्री प्यारेलाल, कोषाध्यक्ष तुलसीराम, मदारिया चौकी अध्यक्ष रामलाल, मंत्री लच्छी राम जी, सचिव बबलू लाल जी, कोषाध्यक्ष फतेल लाल जी, काबरी महादेव चौकी अध्यक्ष मागीलाल सहित बंशीलाल, मोहन, तेजराम रेवाड़िया, प्रेमशंकर, उदराम, रतन, जगदीश, लक्ष्मीलाल, मोड़ीराम, नानाराम, मागीलाल, लक्ष्मीलाल, मोहनलाल, शंकरलाल, भगवतीलाल, गिरिराज, लच्छीराम, भैरूलाल एवं भोलीराम सहित चारों चौकियों के वरिष्ठ पंच-पटेल, 84 गांवों के पंच-पटेल, वरिष्ठ समाजजन और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। मंच संचालन डालचंद्र कुमावत ने किया।

भाजपा-कांग्रेस से दिया इस्तीफा

कुमावत समाज की महापंचायत में मांगीलाल कुमावत भाजपा पूर्व प्रदेश प्रतिनिधि, देवीलाल भाजपा मीरा मंडल पूर्व महामंत्री, सुंदरलाल दौराया, नानालाल कुमावत बूथ अध्यक्ष भाजपा, सीताराम, नरेश कुमावत नगर महामंत्री भाजयुमो राजसमंद, गणेशलाल कुमावत कांग्रेस के जिला महासचिव, मोहनलाल कुमावत कांग्रेस जिला महासचिव, सोनू कुमावत राजसमंद विधानसभा क्षेत्र के यूथ कांग्रेस अध्यक्ष और भूरालाल कुमावत कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

निर्दलीय प्रत्याशी उतारने पर भी मंथन

महापंचायत में आगामी चुनावों को लेकर भी महत्वपूर्ण रणनीति पर चर्चा हुई। प्रस्ताव रखा गया कि कुमावत समाज आगामी चुनावों में किसी भी राजनीतिक दल से टिकट नहीं लेगा, बल्कि समाज की ओर से निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति अपनाई जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि समाज को अपनी राजनीतिक शक्ति के आधार पर स्वयं निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। कांग्रेस के पदाधिकारियों को लेकर भी सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया गया। महापंचायत में स्पष्ट किया गया कि राजनीतिक रणनीति किसी एक दल के पक्ष या विरोध तक सीमित नहीं होगी, बल्कि समाज के हित और सम्मान को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।

युवाओं ने भी दिखाई एकजुटता

कुमावत समाज के मीडिया प्रभारी नरेश कुमावत ने बताया कि महापंचायत में समाज के अनेक लोगों ने खुलकर अपने विचार रखे। समाज की राजनीतिक भागीदारी, सम्मान, स्थानीय चुनावों में प्रतिनिधित्व और सामाजिक एकता को लेकर व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि महापंचायत में रखे गए प्रस्तावों पर समाज स्तर पर निर्णय लिया गया और सामूहिक सहमति के आधार पर आगामी रणनीति तय की जाएगी। नरेश कुमावत ने कहा कि समाज की एकता और सम्मान सर्वोपरि है। राजनीतिक दल अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन समाज का हित और समाज की एकजुटता सबसे ऊपर रहनी चाहिए। महापंचायत में युवाओं ने भी समाज की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने और आने वाले स्थानीय चुनावों में संगठित रणनीति के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

Updated on:
06 Oct 2026 12:37 pm
Published on:
06 Oct 2026 12:37 pm