जिले में अपराधियों के छक्के छुड़ाने के लिए पुलिस ने शनिवार तड़के ऐसा शिकंजा कसा कि नशे से लेकर शांति भंग तक के मामलों में दर्जनों अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच गए
राजसमंद. जिले में अपराधियों के छक्के छुड़ाने के लिए पुलिस ने शनिवार तड़के ऐसा शिकंजा कसा कि नशे से लेकर शांति भंग तक के मामलों में दर्जनों अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच गए। जिला पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के निर्देशन में चलाए गए इस राज्य स्तरीय विशेष एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन ने अपराधियों के अड्डों पर सीधे दस्तक दी। सुबह होते-होते जिले के 15 थानों से निकलीं 15 टीमें, जिनमें कुल 320 पुलिसकर्मी शामिल थे। टीमों ने 259 ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने संभावित अपराधियों के घर, होटल, ढाबे और सुनसान इलाकों तक को खंगाल डाला। इस दौरान न सिर्फ पुराने केसों के भगोड़े हाथ आए, बल्कि नई वारदातों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई भी की गई।
अभियान में 5 नए आबकारी अधिनियम के केस दर्ज हुए, जबकि 49 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। यही नहीं, 59 लोगों को शांति भंग के आरोप में पकड़ा गया। इसके अलावा, यातायात नियमों की भी जमकर चेकिंग हुई। 142 वाहन चालकों के खिलाफ एमवी एक्ट में कार्रवाई हुई और 710 दोपहिया-चारपहिया वाहन चेक किए गए। पुलिस ने सिर्फ सड़कें नहीं खंगालीं बल्कि 218 होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की भी तलाशी ली, ताकि कोई अपराधी सुरक्षित पनाह न ले सके।
भीम, देवगढ़, दिवेर और श्रीनाथजी मंदिर की टीमें भी एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापा मारने में पीछे नहीं रहीं।
इस कार्रवाई के बाद अपराधियों में खलबली मच गई है। होटल और ढाबों पर देर रात तक रुकने वालों से लेकर वाहनों में संदिग्ध ढंग से घूमने वालों तक की पुलिस ने तलाशी ली। कई जगह लोग पुलिस की दस्तक सुनते ही भाग निकले, लेकिन पुलिस ने पीछा कर कई को धर दबोचा।
यह ऑपरेशन राजस्थान पुलिस मुख्यालय की पहल पर हुआ। खास बात यह रही कि इसमें हर थाने ने अपनी टीम को इलाके के हिसाब से रणनीति दी। महिला पुलिसकर्मी भी इस रेड में शामिल रहीं। शराब, जुआ, शांति भंग जैसे छोटे-बड़े अपराधों में शामिल लोग पुलिस की रडार पर थे। एसपी ममता गुप्ता ने बताया कि 'ऐसे अभियान आगे भी चलते रहेंगे ताकि जिले में अपराधी तत्वों में पुलिस का डर बना रहे।