- जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट ने जारी किया 200 करोड़ का प्लान : गांव-ढाणियों में सडक़, पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण है प्राथमिकता
राजसमंद. खनन क्षेत्र में पक्की सडक़ें बनाने, धुल- मिट्टी से आमजन को राहत देने, पेयजल के स्थायी प्रबंध, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा व चिकित्सा की पुख्ता व्यवस्था को लेकर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट ने 200 करोड़ का प्लान जारी कर दिया है। इसके तहत सडक़, पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण सरीखे विभिन्न तरह के 404 कार्य जल्द शुरू होंगे। इस पर वर्षों से अटके ग्रामीण विकास के कार्यों को जल्द ही गति मिलने की उम्मीद जगी है। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से राजसमंद शहर के साथ ही 207 पंचायतों में समग्र विकास के लिए 404 कार्यों की सूची जारी की गई है। इसके तहत राजसमंद, नाथद्वारा, कुंभलगढ़ व भीम विधानसभा क्षेत्र के लिए पचास पचास करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। इसमें खनन प्रभावित पंचायतों को प्राथमिकता देते हुए धुल से राहत दिलाने के कई कार्य शामिल किए हैं।
सिलिकोसिस के इलाज का प्रबंध
खनन क्षेत्र में कार्यरत सिलिकोसिस बीमारी से पीडि़त श्रमिकों के लिहाज व मृतक आश्रितों के लिए अनुग्रह सहायता का भी विशेष प्रावधान रखा है। इसमें अब तक 37 सिलिकोसिस बीमारी से पीडि़त श्रमिकों का उपचार शुरू किया व चार मृत श्रमिकों के पजिनों को भी आर्थिक सहायता दी गई है। इसके लिए 49 लाख रुपए के भुगतान की स्वीकृति जारी की है।
ऐतिहासक पाल का भी जीर्णोद्धार
पुरा महत्त्व की राजसमंद झील की ऐतिहासिक पाल के मरम्मत व पुरा महत्व को बनाए रखने के लिए जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके तहत जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा 80 लाख 66 हजार रुपए का बजट स्वीकृत जारी किया है।
हर ब्लॉक पर बनेंगे आठ स्टेडियम
खिलाडिय़ों के लिए खंड स्तर पर आधुनिक तकनीक के आठ स्टेडियम बनाए जाएंगे। राजसमंद, भीम, रेलमगरा, नाथद्वारा, कुंभलगढ़, देवगढ़, आमेट खंड के अलावा अजीतगढ़ पंचायत मुख्यालय पर पर स्टेडियम बनाए जाएंगे।
ये होंगे मुख्य कार्य
- पेयजल के स्थायी व अस्थायी प्रबंध
- पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कार्य
- खनन क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा, श्रमिक कल्याण, मृतक आश्रित को सहायता
- शैक्षिक दृष्टि से विद्यालयों में मूलभुत सुविधाएं विकसित करना
- गांव के युवक-युवतियों व महिलाओं को स्वरोजगार के लिए कौशल विकास
- स्वच्छता के लिहाज से ठोस कचरा निस्तारण, शौचालय बनाना
- वर्षाजल संग्रहण, पौधरोपण व ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोत विकसित करना
- सडक़, पुल, रेलवे ट्रेक व जल मार्ग बनाना
ग्रामीण विकास को सम्बल
पर्यावरण प्रदूषण, पेयजल, शिक्षा- चिकित्सा के क्षेत्र में सर्वाधिक कार्य लिए गए हैं। इसके लिए 404 कार्यों के लिए 200 करोड़ का बजट जारी किया है। इससे ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। टेंडर प्रकिया चल रही है। एक माह में सभी कार्य शुरू हो जाएंगे। इसके लिए अधीनस्थ अधिकारियों को खास निर्र्र्देश दिए हैं।
प्रवेश कुमार सालवी, अध्यक्ष जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट एवं जिला प्रमुख जिला परिषद राजसमंद