
राजसमंद. नाथद्वारा विधायक कल्याणसिंह चौहान का लम्बी बीमारी के बाद उदयपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उन्हें मंगलवार रात को सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होने पर पैतृक निवास डगवाड़ा से उदयपुर ले जाया गया था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को पैतृक गांव में होगा। विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित करने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी सुबह करीब साढ़े ग्याहर बजे डगवाड़ा पहुंची और श्रदांजली अर्पित कर वापस जयपुर के लिए रवाना हो गई।
नाथद्वारा से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए चौहान पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं अपने राजनीतिक गुरु डॉ. सीपी जोशी को वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में मात्र एक वोट से हराने के बाद खासी चर्चा में आए थे, जिसको लेकर काफी लम्बे समय तक अदालत में भी मामला चला था। वे भोजन की नली में कैंसर के कारण लम्बे समय से अस्वस्थ्य चल रहे थे, जिसको लेकर उन्होंने गत वर्ष अमरीका जाकर भी उपचार करवाया था, लेकिन उसके बाद भी उन्हें कोई फायदा नहीं मिल पाया था। मंगलवार रात को उपचार के लिए ले जाए जाने के बाद अस्पताल में निधन की सूचना पर बुधवार सुबह से अस्पताल में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं और विधायक के परिजनों, रिश्तेदारों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद विधायक की पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव डगवाड़ा पहुंचाए जाने के बाद वहां भी बड़ी संख्या में पार्टी के लोगों के साथ ही ग्रामीणों ने पहुंचकर विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, चौहान की समधी मसूदा विधायक सुशीला पलाड़ा एवं उनके गुरु योगी संतोषनाथ ने भी उनके निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। 18 नवंबर 1959 को डगवाड़ा नाथद्वारा में दूल्हेसिंह चौहान के घर जन्मे विधायक चौहान के पीछे पत्नी, चार पुत्र व दो पुत्रियों का परिवार है।
इसके बाद विधायक की पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव डगवाड़ा पहुंचाए जाने के बाद वहां भी बड़ी संख्या में पार्टी के लोगों के साथ ही ग्रामीणों ने पहुंचकर विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, चौहान की समधी मसूदा विधायक सुशीला पलाड़ा एवं उनके गुरु योगी संतोषनाथ ने भी उनके निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। 18 नवंबर 1959 को डगवाड़ा नाथद्वारा में दूल्हेसिंह चौहान के घर जन्मे विधायक चौहान के पीछे पत्नी, चार पुत्र व दो पुत्रियों का परिवार है।