
मृत व्यक्ति के निधन की गलत तारीख बताकर फर्जी मृत्यु प्रमाण— पत्र प्राप्त कर उसके आधार पर जमीन का नामांतरण स्वीकृत करवा भूमि को औने-पौने दाम पर प्रभावशाली व्यक्ति को बेचान करने के मामले में स्थानीय पुलिस ने एक वृद्धा व उसके पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश हुए।
थाना अधिकारी हनवन्त सिंह सोढा ने बताया कि थाना आमेट पर निसार अहमद पुत्र मोहम्मद याकूब उस्ता निवासी उदयपुर ने मामला दर्ज कराया। इसमें बताया कि आमेट मेला ग्राउंड के पास स्थित बेशकीमती भूमि, जो कि पूर्व में जन्नत बाई पत्नी इब्राहिम के नाम खातेदारी में दर्ज थी। उनका निधन 16 दिसम्बर 2011 को उदयपुर शहर में हो गया था। उनका मृत्यु का प्रमाण— पत्र नगर परिषद उदयपुर से 11 अप्रेल 2012 को जारी हुआ। परन्तु, उसकी बुआ खातुन बाई के लड़के हमीद पुत्र नूर मोहम्मद ने उक्त भूमि को औने-पौने दाम पर हड़पने की नीयत से तहसील एवं नगर पालिका आमेट में गलत तारीख की जानकारी का हवाला देकर जन्नत बाई की मृत्यु आमेट नगर में 15 मई 2012 को होना बताकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया। इसमें गवाह तुफैल मोहम्मद एवं ईशाक मोहम्मद पुत्र फ़क़ीर मोहम्मद उस्ता निवासी आमेट के झूठे हलफनामा तथा वार्ड पार्षद सुरेश खींची एवं चिकित्सा विभाग की एएनएम सुमन जाटव तथा अधिशास अधिकारी नगर पालिका आमेट की झूठी जांच रिपोर्ट के आधार पर दस्तावेज की कूट रचना कर हमीद मोहम्मद पुत्र नूर मोहम्मद उस्ता निवासी गाडरमाला जिला भीलवाड़ा ने मृत्यु प्रमाण पत्र का आवेदन प्रस्तुत कर झूठे शपथ पत्रों व गलत जांच रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवा लिया।
भूमि को हमीद मोहम्मद ने अपनी वृद्ध माता 81 वर्षीय खातुन बेगम पत्नी नूर मोहम्मद उस्ता के नाम दर्ज करवा दी। जबकि, उक्त भूमि विवादित होकर उपखंड न्यायालय से स्थगन आदेश भी जारी था। परिवादी निसार अहमद ने बताया कि उक्त जमीन को हड़पने की नियत से आमेट नगर पालिका उपचेयरमैन हाजी मीरू खां मन्सूरी ने तुफेल अहमद व मोहम्मद ईशाक की फर्जी गवाही दिलाकर उक्त जमीन की रजिष्ट्री अपने नाम करवा दी। मामले में प्रथमदृष्टया अपराध प्रमाणित पाये जाने पर थाना आमेट ने आरोपी खातून बेगम एवं उसके पुत्र हमीद मोहम्मद उस्ता को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भिजवाया गया।