
राज्य में सत्ता बदलने के बाद जिला परिषद की साधारण सभा की मंगलवार को हुई पहली बैठक में चारों विधायकों की मौजूदगी के बीच विकास के अटके कामों पर विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने बजट नहीं देने का तंज कस दिया। कुम्भलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने जवाब में कहा, फिक्र नहीं करो। अब डबल इंजन की सरकार है। पैसों का बंदोबस्त किया जा रहा है।
कांग्रेस के जिला परिषद सदस्य लेहरूलाल अहीर और विधायक राठौड़ के मध्य बजट के मुद्दे को लेकर अनौपचारिक बहस में यह बात निकली। हुआ यूं कि कुम्भलगढ़ विधायक ने आमेट-झीलवाड़ा रोड पर चुनाव से पहले जेसीबी चलवाने और फिर काम अधूरा छोड़ देने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह काम स्वीकृत भी है या नहीं? केवल वोट लेने के लिए तो ऐसा नहीं किया? वह बोले- बजट नहीं था तो सीएम से शिलान्यास क्यों करवाया? सडक़ खराब होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
इस पर अहीर ने कहा- बजट दिलवाओ। तब राठौड़ बोले कि आपकी सरकार एक साल से बिना पैसे घोषणाएं की जा रही थी। अब हमारी सरकार को इनके लिए पैसा तो देना ही पड़ेगा। इधर, गांव-ढाणियों की लम्बित पेयजल योजनाएं, सडक़ निर्माण और पेयजल टैंकरों के बकाया भुगतान के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच जमकर सवाल-जवाब हुए। जिला कलक्टर डॉ. भंवरलाल और जिला परिषद सीईओ राहुल जैन ने दखल देते हुए समाधान का रास्ता बता उन्हें संतुष्ट किया।
इस मौके पर जिला प्रमुख रतनी देवी, भीम विधायक हरि सिंह रावत, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी और नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, उपवन संरक्षक आलोक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी से सभागार खचाखच भरा रहा।
सोलर आरओ प्लांट : 2013 में शुरू, 2 साल में बंद, 10 साल से चालू नहीं
जिला परिषद सदस्य समुद्र सिंह ने क्षेत्र में वर्ष 2013 में लगाए 12 सोलर आरओ प्लांट का मुद्दा उठाया। सवाल करने पर सम्बंधित अधिकारी ने खुद माना कि 2 साल में ही प्लांट बंद हो गए। अभी सिर्फ दो ही चालू अवस्था में हैं। 10 साल से 10 प्लांट बंद पड़े हैं। सम्बंधित फर्म द्वारा इन्हें ठीक नहीं करने की बात कही। सदस्य ने अधिकारियों पर लापरवाही व टालमटोल का आरोप मढ़ा। लेहरूलाल ने सकरावास पंचायत के मोटागांव, मंडफियाखेड़ा व मोरा में पाइपलाइन बार-बार फूटने व घरों तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या बताई। यह भी आरोप लगाया कि पैसा उठा लिया, काम सही नहीं हुआ।