
राजसमंद। नाथद्वारा-देवगढ़ मदारिया आमान परिवर्तन परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। परियोजना के तहत तैयार नई रेल लाइन पर उत्तर पश्चिम रेलवे इसी जुलाई माह में हाई-स्पीड ट्रायल करने जा रहा है। इस दौरान विशेष परीक्षण ट्रेनें करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक गति से दौड़ेंगी। रेलवे और जिला प्रशासन ने आमजन से ट्रायल के दौरान रेलवे ट्रैक से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नाथद्वारा से तावा-मरवाड़ जंक्शन रेलखंड पर होने वाला यह गति परीक्षण नई रेल लाइन की गुणवत्ता, सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच का अहम चरण है। सफल ट्रायल के बाद इस रेलखंड पर नियमित रेल संचालन का रास्ता और साफ हो जाएगा।
उपमुख्य अभियंता प्रवीण यादव ने बताया कि हाई-स्पीड ट्रायल के दौरान रेलवे की ओर से सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग भी रेलवे के साथ समन्वय कर लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे, ताकि परीक्षण के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण के समय ट्रेनों की रफ्तार सामान्य परिचालन की तुलना में काफी अधिक रहेगी। ऐसे में रेलवे ट्रैक पार करना, पटरियों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े रहना या पशुओं को रेल लाइन के निकट चराना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसी कारण लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को रेलवे ट्रैक के पास नहीं जाने देने का आग्रह किया है। वहीं पशुपालकों से भी कहा गया है कि वे ट्रायल अवधि के दौरान अपने पशुओं को रेल लाइन से दूर रखें। वाहन चालकों से भी रेलवे फाटकों और ट्रैक के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
इसके अलावा प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल रेलवे तथा राजसमंद जिला प्रशासन की ओर से जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। रेलवे ने ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और संबंधित विभागों से भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने का अनुरोध किया है, ताकि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हाई-स्पीड ट्रायल की जानकारी समय रहते मिल सके।
रेलवे का मानना है कि जनसहयोग और सुरक्षा नियमों के पालन से यह हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा होगा। यह परीक्षण नाथद्वारा-देवगढ़ मदारिया आमान परिवर्तन परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा और भविष्य में इस रेलखंड पर बेहतर एवं सुरक्षित रेल सेवाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।