Historic Jail : राजसमंद में भीम उपखंड मुख्यालय स्थित ब्रिटिशकालीन ऐतिहासिक भीम उप-जेल को प्रशासनिक कारणों के चलते खाली कर दिया गया है। उप महानिरीक्षक कारागार रेंज उदयपुर के निर्देश पर सभी बंदियों को ब्यावर जिला कारागृह स्थानांतरित किया गया है।
Historic Jail Rajasthan: राजसमंद में भीम उपखंड मुख्यालय स्थित ब्रिटिशकालीन ऐतिहासिक भीम उप-जेल को प्रशासनिक कारणों के चलते पूरी तरह खाली कर दिया गया है। उप महानिरीक्षक कारागार रेंज उदयपुर के निर्देश पर यहां निरुद्ध सभी बंदियों को ब्यावर जिला कारागृह स्थानांतरित किया गया है। इस निर्णय से आमजन में यह चर्चा तेज हो गई है कि उप-जेल बंद होने की स्थिति में पहुंच गई है, हालांकि विभागीय आदेशों में केवल प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया गया है।
4 मई को जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नए आने वाले बंदियों को भी सीधे ब्यावर भेजा जाएगा। जेल स्टाफ को डूंगरपुर लगा दिया गया है। जबकि प्रशासनिक गतिविधियां फिलहाल यहीं से संचालित होंगी, लेकिन अब यहां कोई बंदी नहीं रहेगा।
उल्लेखनीय है कि यह उप-जेल भीम सहित देवगढ़, दिवेर और आबकारी थाना कामलीघाट क्षेत्र के आरोपियों के लिए प्रमुख निरुद्ध स्थल रही है, जहां हर वर्ष 500 से अधिक बंदियों का आवागमन होता था। जेल प्रशासन की मानें तो यहां पर बंदियों की क्षमता ही मात्र 6 की है
नई व्यवस्था के तहत बंदियों के परिजनों को मुलाकात के लिए करीब 70 किलोमीटर दूर ब्यावर जाना होगा। इससे विशेषकर गरीब, ग्रामीण, महिलाओं और बुजुर्गों को समय व आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमित साधनों वाले परिवारों के लिए यह व्यवस्था काफी कठिन साबित होगी।
जेल में स्वीकृत 16 पदों में से 14 कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें से 10 कर्मचारियों को डूंगरपुर जिला कारागृह भेजा गया है, जबकि 4 प्रहरी अभी भी भीम में तैनात हैं और प्रशासनिक कार्य यहीं से संचालित कर रहे हैं। आगामी आदेश क्या होंगे, इसको लेकर फिलहाल संशय बना हुआ है। वर्तमान में यहां आगामी समय में आने वाले बंदियों को भीम उप जेल से सारी प्रक्रिया होने के बाद ही ब्यावर शिफ्ट किया जाएगा।
टोगी के नंदावट राजस्व ग्राम में मार्च 2025 में 15 बीघा भूमि उप-जेल के नए भवन के लिए आवंटित की गई थी। निर्माण के लिए बजट प्रस्ताव और व्यय का विवरण भी उच्चाधिकारियों को भेजा गया, लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
भीम का न्यायिक क्षेत्र राजसमंद जिला मुख्यालय से जुड़ा है, जो यहां से लगभग 100 किलोमीटर दूर है। ऐसे में बंदियों के ब्यावर में रहने से अधिवक्ताओं और परिजनों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे न्यायिक कार्यों में भी कठिनाई बढ़ सकती है। स्थानीय नागरिकों ने सरकार से भीम उप-जेल को दोबारा शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कोई कमी थी तो उसे दूर कर सुविधाएं बढ़ाई जानी चाहिए थीं, न कि पूरे संस्थान को बंद किया जाए।
उच्च अधिकारियों के आदेश अनुसार भीम जेल से बंदीयों को प्रशासनिक कारणों से ब्यावर जेल में शिफ्ट किया गया है। साथ ही 10 कार्मिकों को अस्थाई रूप से डूंगरपुर जिला करागृह में स्थानांतरित किया गया है। वर्तमान में भीम जेल में एक भी बंदी नहीं है। अग्रिम आदेशों की पालना की जाएगी।