CBSE LOC fees Issue: शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों में अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा इस वर्ष शुरू की गई कक्षा 10वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षा को कुछ निजी स्कूलों द्वारा कथित तौर पर वसूली का माध्यम बनाया जा रहा है।
CBSE LOC fees Issue: शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों में अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा इस वर्ष शुरू की गई कक्षा 10वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षा को कुछ निजी स्कूलों द्वारा कथित तौर पर वसूली का माध्यम बनाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, राजसमंद में कुछ निजी विद्यालय छात्र-छात्राओं से “लिस्ट ऑफ कैंडिडेट (एलओसी)” भरने के नाम पर तीन माह की ट्यूशन फीस मांग रहे हैं। मामला सीबीएसई के संज्ञान में आते ही बोर्ड ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्कूलों को इस प्रथा को तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं।
30 मार्च को परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज के जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि द्वितीय बोर्ड परीक्षा के लिए एलओसी जमा करते समय किसी भी प्रकार का अतिरिक्त या अनधिकृत शुल्क लेना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रथा तुरंत बंद नहीं की गई तो संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय केवल एलओसी परिपत्र में निर्धारित परीक्षा शुल्क ही ले सकते हैं। इसके अलावा किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस लेना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
सीबीएसई ने कक्षा 10वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षा के लिए एलओसी जमा करने की प्रक्रिया को तीन चरणों में विभाजित किया है:-
सीबीएसई ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी गतिविधि को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। निर्देशों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र एलओसी जमा करने और परीक्षा शुल्क भरने के बाद भी द्वितीय परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो उसके परिणाम के लिए मुख्य परीक्षा के अंकों को ही आधार माना जाएगा।