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Rajsamand News : बारिश से यह हुआ नुकसान, किसान फिर परेशान…पढ़े पूरी खबर

जिले में पिछले बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे फसलों की क्वालिटी भी प्रभावित होगी। इसके कारण काश्तकार अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

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राजसमंद. रात्रि में तेज अंधड़ और गर्जना के साथ करीब एक घंटे तक बारिश होने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसल आड़ी हो गई, वहीं कटी पड़ी फसल फिर से भीग गई। इससे फसलों की क्वालिटी प्रभावित होगी। किसान फिर अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जिले में गेहूं की फसलों की कटाई का दौर जारी है। अधिकांश स्थानों पर फसलों की कटाई हो गई है, जबकि अभी गेहूं की फसल खेतों में सूखाने के लिए पटक रखी है। शुक्रवार रात्रि को तेज हवा के साथ बारिश के कारण गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। गेहूं के दाने बिखर गए हैं। जहां पर फसल खेतों में कटी पड़ी है वह फिर से भीग गई है। इसके कारण उसकी क्वालिटी तो प्रभावित होगी। साथ ही पानी भरा होने की स्थिति में फसल के गलने और दाने अंकुरित होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इस बार रबी की फसल के लिए मौसम अनुकूल रहने के कारण काश्तकारों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। ऐसे में बारिश होने की संभावना के कारण काश्तकार चितिंत दिखाई दे रहे हैं।

90 प्रतिशत हुई कटाई, खेतों में पड़ी फसल

जिले में कृषि विभाग के अनुसार इस बार 58 हजार हेक्टेयर में फसलों की बुवाई हुई। इसमें गेहूं की फसल 33,963 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। गेहूं की फसल की 90 फीसदी कटाई हो गई है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर कटाई के बाद फसल खेत में ही पड़ी हुई है। फसलों में से गेहूं के दाने आदि निकालने के काम जारी है, लेकिन पिछले दो दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण खेतों में सन्नाटा पसरा हुआ है।

890 हेक्टेयर में हुई जायद की बुवाई

जिले में जायद 2025 के अन्तर्गत बोई जाने वाली फसलों की बुवाई का दौर शुरू हो गया है। कृषि विभाग के अनुसार मूंग की 30 हेक्टेयर, मूंगफली की 40 हेक्टेयर, हरा चारा 440 और सब्जियों की बुवाई 380 हेक्टेयर में की गई है। आगामी दिनों में इसमें और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहां पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने की स्थिति में जायद के तहत बोई जाने वाली फसलों की बुवाई होती है।

Published on:
13 Apr 2025 11:06 am
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