जिले के अनेक भ्रमण वाले स्थानों पर पहाड़ों से झरने तक बहने शुरू हो गए। ये नजारा देखने लोग इन स्थानों पर पहुंचे।
राजसमंद. जिले के लिए शुक्रवार को दिन बेहद ही खास रहा। सावन का महिना जारी है और इन्द्र भगवान ने सावन की झड़ी सी लगा दी। ये झड़ी तड़के साढ़े तीन बजे शुरू हुई जो शाम को चार बजे तक जारी रही। इससे जिले के अनेक भ्रमण वाले स्थानों पर पहाड़ों से झरने तक बहने शुरू हो गए। ये नजारा देखने लोग इन स्थानों पर पहुंचे। इस दौरान सर्वाधिक भीम में 143 एमएम और देवगढ़ में 95 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे जलाशयों में भी पानी की आवक शुरू हो गई है। साथ ही मानसून की पहली अच्छी बारिश होने से किसानों के भी चेहरे खिल उठे। जिले में पिछले कई दिनों से बादलों की लुकाछिपी का दौर चल रहा था, आखिर बादलों ने तडक़े करीब 3 बजे बारिश का दौर शुरू हुआ, जो दोपहर तीन बजे तक चलता रहा। हालांकि जिला मुख्यालय पर रिमझिम का दौर चलने से मौसम सुहाना हो गया। तामपान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। शुक्रवार शाम 5 बजे तक भीम में 143 एमएम, देवगढ़ में 95 एमएम, राजसमंद में 20, नंदसमंद में 12, चिकलवास में 18 एवं भराई फीडर पर 18 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बारिश होने से दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिलने से किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं। हालांकि मानसून की अच्छी बारिश का इंतजार है, जिससे जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो सके।
देवगढ़. नगर में गुरूवार रात से शुरू हुआ हल्की बारिश का दौर शुक्रवार अल सुबह तेज बारिश में बदल गया। शाम तक बारिश जारी रही। तेज बारिश से मारू दरवाजा, मुख्य बाजार, सोलंकी दरवाजा, सूरज दरवाजा, बापू नगर आदि क्षेत्रों की सडक़ें दरिया के रूप में बदल गई। राघव सागर तालाब में भी पानी की आवक शुरु हो गई। जलस्रोत सोपरी बांध में भी पानी की आवक शुरु हो गई। अच्छी बारिश के नजारे देखने लोग राघव सागर तालाब, कुंडेली पुलिया, डान की बावड़ी, छोटी नदी आदि स्थानों पर पहुंचे। बाजार की अधिकांश दुकानें बंद ही रही। गोरमघाट एवं भीलबेरी में भी झरने शुरू हो गए। देवगढ़ ङ्क्षसचाई विभाग के एईएन हिमांशु व्यास ने बताया कि सोपरी बांध में करीब साढ़े पांच फीट पानी की आवक हुई। पानी की आवक निरंतर जारी है।