
देवगढ़। देवगढ़ के समीप स्थित स्तुति अस्पताल के एक कर्मचारी की सड़क हादसे में मौत के बाद शनिवार को क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हादसे में लाखागुड़ा निवासी राजू सिंह की मौत से परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन करने लगे तथा प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की।
जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आर्थिक सहायता की मांग को स्वीकार नहीं किए जाने से प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और बढ़ गया। अस्पताल के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल लगातार तनावपूर्ण होता गया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन घटनाक्रम ने अचानक नया मोड़ ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीम के डीएसपी राकेश वर्मा मौके पर पहुंचे और समझाइश का प्रयास किया। इसी दौरान दो ग्रामीणों को पुलिस द्वारा जबरन वाहन में बैठाने की बात सामने आई, जिससे प्रदर्शनकारी भड़क उठे। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई तथा मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब भीम उपप्रधान नारायण सिंह मौके पर पहुंचे। आरोप है कि देवगढ़ थानाधिकारी मुकेश चौधरी ने उन्हें भी पुलिस वाहन में बैठा लिया। इस घटना के बाद ग्रामीण पूरी तरह उग्र हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
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स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित महिला-पुरुषों ने पुलिस वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया। देखते ही देखते माहौल बेकाबू हो गया और भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिसकर्मियों को खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।
पथराव की घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उधर, ग्रामीणों का कहना है कि मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं तथा लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
सड़क हादसे में हुई एक कर्मचारी की मौत से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव में बदल गया, जिससे देवगढ़ क्षेत्र में देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।