राजसमंद

TET Update : शिक्षक पात्रता परीक्षा पर नया अपडेट, 3 साल में टीईटी पास नहीं की तो जा सकती है नौकरी

TET Update : शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर नया अपडेट। अब यह साफ हो गया है कि राजस्थान सहित देश के सभी राज्यों में वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी पात्रता परीक्षा अनिवार्य हो गई है।
2 min read
• •
Updated: 1 Jun 2026, 7:10 AM IST
Teacher Eligibility Test new Update Rajasthan If do not pass TET within 3 years lose job
TET Update : ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

TET Update : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति अब काफी हद तक साफ हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार के लोकसभा में दिए गए जवाब के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी टीईटी से पूर्ण छूट नहीं मिलेगी। नौकरी में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी अब अहम शर्त बन गई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को राहत देते हुए टीईटी पास करने की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी है। साथ ही राजस्थान सहित देश के सभी राज्यों को टीईटी हर छह माह में आयोजित करने के निर्देश दिए।

स्पष्ट हुआ सरकार का रुख

लोकसभा में सांसद लालजी वर्मा द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि टीईटी केवल नई भर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति के लिए भी अनिवार्य है। बिना टीईटी उत्तीर्ण किए कोई शिक्षक पदोन्नति का पात्र नहीं माना जाएगा।

सांसद ने यह मुद्दा उठाया था कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी के अभाव में अनिश्चितता और प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है तथा क्या केंद्र सरकार उन्हें टीईटी से पूर्ण छूट देने के लिए कोई समान राष्ट्रीय नीति बनाने पर विचार कर रही है। इसके जवाब में मंत्रालय ने बताया कि आरटीई अधिनियम-2009 की धारा 23 के तहत एनसीटीई ने 23 अगस्त, 2010 को अधिसूचना जारी कर कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित की थी। इसमें टीईटी अनिवार्य है।

मुख्य बातें एक नजर

1- वर्ष2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से पूर्ण छूट नहीं।
2- पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य।
3- परीक्षा पास करने की अवधि 2 से बढ़ाकर 3 वर्ष।
4- राज्यों को हर छह माह में टीईटी आयोजित करने के निर्देश।
5- 5 वर्ष से कम सेवा शेष वाले शिक्षक सेवानिवृत्ति तक सेवा में रह सकेंगे, लेकिन प्रमोशन नहीं मिलेगा।
6- केंद्र सरकार ने पूर्ण छूट की कोई नीति विचाराधीन नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा

शिक्षा मंत्रालय ने संसद को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 1 सितंबर, 2025 के अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि आरटीई अधिनियम के दायरे में आने वाले विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए टीईटी न्यूनतम योग्यता का अनिवार्य हिस्सा है। कोर्ट ने 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए विशेष व्यवस्था जरूर दी, लेकिन उन्हें पूर्ण छूट नहीं दी।

Updated on:
1 Jun 2026, 7:10 AM IST
Published on:
Also Read
View All
Rajsamand Panchayat Chunav 2026: जिला परिषद के 13 और पंचायत समिति के 81 वार्डों में पहले चरण का चुनाव कल, मैदान में 192 उम्मीदवार

Dussehra Unique Tradition : दशहरे पर राजस्थान में अनूठी परंपरा, चारभुजा में गोलियों और पत्थरों से किया रावण को जमींदोज

राजसमंद: मशीनों के दौर में भी मिट्टी की कुश्ती का जुनून बरकरार, कांकरोली का शक्करकुड़ी अखाड़ा सहेजे है सदियों पुरानी विरासत

Rajsamand: जिला प्रमुख की कुर्सी पर किसका होगा कब्जा? सियासी गणित में उलझी भाजपा-कांग्रेस; 14 महिला वार्डों पर नजर

राजस्थान पंचायत चुनाव के बीच BJP-कांग्रेस को झटका: महापंचायत में कुमावत समाज का एलान- किसी दल का टिकट नहीं लेंगे