राजसमंद

TROUBLE : कृषि उपज मंडी में गेहूं की ऑनलाइन बिक्री शुरू, किसान हो रहे परेशान

फसल बिक्री से पूर्व लेना होता है ई-टोकन

2 min read

राजसमंद. कृषि उपज मंडी मेें इसबार शुरू हुई ऑनलाइन गेहूं की बिक्री किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। ई-टोकन से लेकर ओटीपी आने तक किसान परेशान हो रहे हैं। साथ ही एक पंंजीयन से महज २५ क्विंटल की बिक्री कोढ़ में खाज का काम कर रही है।आपको बता दें इसबार गेहूं की बिक्री भी ऑनलाइन के माध्यम से ही की जा रही है।

यह हो रही परेशानी
कई किसानों को ये भी पता नहीं कि ऑनलाइन कहां और कैसे किया जाएगा। वह सीधे फसल को खरीद केन्द्र ला कर यहां भटकते हैं। उन्हें ई-टोकन से लेकर मोबाइल में आने वाले ओटीपी आदि कोई जानकारी नहीं है। जबकि इसबार फसल की बिक्री के लिए किसानों को गिरदावरी प्रमाण पत्र सहित कई सारे दस्तावेजों की जरूरत पड़ रही है।

ये भी पढ़ें

FOLLOWUP : देवगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ लाया जा सकता है अविश्वास प्रस्ताव

25 क्विंटल की सीमा से परेशानी
ऑनलाइन गेहूं की बिक्री में २५ क्विंटल की तय सीमा किसानों के गले की फांस बन रही है। कई बड़े किसान ऐसे हैं जिन्हे २५ क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने हैं, जबकि नियम के अनुसार एक किसान एक दिन में तथा एक पंजीयन में २५ क्विंटल गेहूं ही बेच सकता है। ऐसे में किसानों को खासी समस्याएं हो रही हैं।

खरीद शुरू की...
फसल की ऑनलाइन खरीद शुरू कर दी है। जिस किसान ने ऑनलाइन नहीं करवा रखा है, वह विभाग की वेबसाइट पर निशुल्क आवेदन कर सकता है। हालांकि जो किसानों यहां फसल लेकर आ रहे हैं उनका यहीं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं।
नरेश यादव, किस्म निरीक्षक, भारतीय खाद्य निगम एजेंसी

साहित्य संगम स्थापना दिवस कार्यक्रम कल
नाथद्वारा. स्थानीय श्रीनाथ साहित्य संगम के स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संगम के मंत्री राजेन्द्र सोमानी ने बताया कि शहर के रामपुरा स्थित २४ श्रेणी पालीवाल समाज भवन के पास शाम ७ बजे आयोजित संगोष्ठी में महाप्रभु श्रीवल्लभाचार्यजी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही काव्य पाठ व संगठनात्मक चर्चा भी की जाएगी।

ये भी पढ़ें

WILLFULNESS : निजी स्कूल संचालकों की मनमानी, ग्रीष्मावकाश की भी वसूली जा रही फीस
Published on:
11 Apr 2018 08:46 am
Also Read
View All