राज्य सरकार की ओर से गिव अप अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अपात्र लोग स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसके तहत कई लोग अपना नाम हटवा चुके हैं।
राजसमंद. रसद विभाग के गिव अप अभियान के तहत अब तक 465 परिवारों के 1970 सदस्यों ने स्वेच्छा से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवाया है। निष्कासन सूची में आने वाले लोगों के नाम हटवाने की शुक्रवार को अंतिम तिथि है। इसके पश्चात इनसे रसद विभाग 27 रुपए प्रति किलो के हिसाब से वसूली करेगा। जिला रसद अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से गिव-अप अभियान के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत ऐसे परिवार जिसमें कोई आयकर दाता हो, परिवार जिसका कोई सदस्य सरकारी, अद्र्ध सरकारी या स्वायतशासी संस्थाओं में कर्मचारी-अधिकारी हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय एवं परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो निष्कासन सूची में सम्मिलित है। उपरोक्त निष्कासन श्रेणी में जो भी परिवार/सदस्य आता है तो वे तुरन्त संबंधित उपखण्ड कार्यालय अथवा जिला रसद कार्यालय में उपस्थित होकर अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा योजना में से शुक्रवार तक स्वेच्छा से नाम हटाने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 465 परिवारों के 1970 सदस्यों के नाम उक्त योजना के तहत हटाए जा चुके है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 31 जनवरी के बाद खाद्य सुरक्षा योजना अन्तर्गत अपात्र परिवारों के विरूद्ध खाद्य वसूली एवं विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
खाद्य विभाग की ओर से केवाईसी करवाई गई है, इसके तहत लाभार्थियों के राशनकार्ड से आधार कार्ड जुड़ गए है। आधार कार्ड से पैन कार्ड लिंक है, पैन कार्ड से बैंक खाता जुड़ा होने के कारण खाते में आने वाले भुगतान और आईटीआर आदि की जानकारी मिल जाएगी। साथ ही परिवहन विभाग को सूची भेजकर उनके नाम से रजिस्टर्ड चौपहिया वाहनों की जानकारी निकलवाई जाएगी। इससे अपात्र उपभोक्ता तुरंत पकड़ में आएंगे ओर उनसे वसूली एवं विधिक कार्यवाही की जाएगी।
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