राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की प्रतिष्ठित ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) भर्ती परीक्षा का बिगुल बज चुका है।
राजसमंद. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की प्रतिष्ठित ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) भर्ती परीक्षा का बिगुल बज चुका है। जिले में प्रशासन और पुलिस महकमे से लेकर शिक्षा विभाग तक सबकी तैयारियां युद्धस्तर पर हैं, क्योंकि इस बार परीक्षा में 6396 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आज़माने उतरेंगे। मंगलवार को चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने जिला प्रशासन के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में एडीएम नरेश बुनकर, जिला कोषाधिकारी विशाल अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक, सभी केंद्राधीक्षक, उप समन्वयक, पर्यवेक्षक और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में आलोक राज ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परीक्षा सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि व्यवस्था पर जनता के विश्वास की परीक्षा भी है।उन्होंने डमी अभ्यर्थियों की पहचान, सुरक्षा व्यवस्था, फ्रिस्किंग सिस्टम, गोपनीयता, और संचालन की पारदर्शिता पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभागों के बीच आपसी समन्वय और समयबद्ध संचार बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई।
जिले में 2 नवंबर (शनिवार) को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक यह परीक्षा आयोजित होगी। कुल 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं — जिनमें 9 सरकारी और 11 निजी संस्थान शामिल हैं। राजसमंद जिले के 3920 अभ्यर्थी, पाली जिले से 2476 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। सुबह 10 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले यानी सुबह 9 बजे तक केंद्र पर पहुंच जाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर ने बताया कि सभी अभ्यर्थी यह सुनिश्चित करें कि वे बोर्ड की निर्धारित पात्रता और योग्यता की शर्तों को पूर्ण करते हों। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षा केंद्र पर या यात्रा के दौरान अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेल या बस की छत या पायदान पर यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों पर न केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकता है, बल्कि परीक्षा निरस्त भी की जा सकती है। उन्होंने अभ्यर्थियों से आग्रह किया कि वे समय से पहुंचें, शांत रहें और सहयोग करें।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इस बार परीक्षा सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी है। नकल रोकथाम के लिए अत्याधुनिक तकनीक और कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। अधिकारियों ने दोहराया कि अभ्यर्थी किसी भी नकल कराने वाले गिरोह या फर्जी कोचिंग एजेंटों के झांसे में न आएं। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से भी सावधान रहने की सलाह दी गई। यदि कोई अभ्यर्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पकड़ा गया, तो उस पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम), 2022 तथा संशोधन अधिनियम 2023 (संख्या 17) के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इन कानूनों के तहत दोषी पाए जाने पर 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना, और 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। इतना ही नहीं, ऐसे अभ्यर्थियों को भविष्य की सभी परीक्षाओं से डिबार (विवर्जित) भी किया जाएगा।
अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि इस परीक्षा को निष्पक्ष और सफल बनाने के लिए प्रशासन और अभ्यर्थियों, दोनों का साझा योगदान आवश्यक है। परीक्षा में ईमानदारी, अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोपरि रखते हुए यदि हर अभ्यर्थी सहयोग करे, तो यह परीक्षा एक मॉडल परीक्षा के रूप में उदाहरण पेश करेगी। एडीएम बुनकर ने मुस्कराते हुए कहा कि सच्ची मेहनत किसी मेटल डिटेक्टर से नहीं रुकती, बल्कि सफलता की चाबी बनती है।
राजसमंद जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी केंद्रों की सुरक्षा, यातायात, परिवहन और संचार व्यवस्थाओं की समीक्षा पूरी कर ली है। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बॉडी स्कैनर, और फ्रिस्किंगयूनिट्स की व्यवस्था की गई है। जिले में इस परीक्षा को “ऑपरेशनपारदर्शिता” के रूप में देखा जा रहा है, जहां अभ्यर्थियों की मेहनत और प्रशासन की सतर्कता एक साथ परीक्षा की सफलता तय करेंगे।