अधिवक्ता ने खून से लिखे पत्र में कहा है कि मोहम्मद आजम खां ( azam khan ) काे राजनीतिक द्वेष के चलते जेल में रखा जा रहा है। उनकी हालत ठीक नहीं है ऐसे में उन्हे जमानत दी जाए।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
रामपुर. सांसद आजम खान ( azam khan ) की रिहाई के लिए उनके अधिवक्ता ( advocate )
ने प्रदेश की राज्यपाल ( governor ) आनंदीबेन पटेल को खून से पत्र ( letter ) लिखा है। युवा अधिवक्ता ने अपने खून से यह पत्र लिखकर जेल में बंद सांसद मोहम्मद आज़म खां काे जमानत दिए जाने की गुहार लगाई है। बतादें कि आजम खां और उनका बेटा अब्दुल्ला आजम खां इन दिनों लखनऊ के मेदांता अस्पताल ( Medanta Hospital ) में हैं। यहां न्यायिक हिरासत में ही उनका उपचार चल रहा है।
युवा अधिवक्ता विक्की राज एडवोकेट ने खून से लिखे पत्र में कहा है कि सांसद आज़म खां उत्तर प्रदेश की राजनैतिक द्वेष भावना की मार झेल रहे हैं। प्रदेश सरकार ने मोहम्मद आज़म खां को राजनैतिक षड़यंत्र के तहत फ़र्ज़ी मुकदमो में जेल भेज दिया है, लेकिन राजनैतिक द्वेष भावना की वजह से किसी की जान के साथ खिलवाड़ लोकतंत्र में किसी भी हद तक ठीक नहीं है। मोहम्मद आज़म खां इस समय बहुत बीमार हैं। लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल द्वारा प्रतिदिन मेडिकल बुलेटिन जारी करके ये बताया जा रहा है उनकी हालत बहुत गंभीर है।
अधिवक्ता ने यह भी लिखा है कि महामहिम मैं पूरे दलित समाज की तरफ से आपसे ये विनती करता हूँ की आप मोहम्मद आज़म खां के साथ इंसाफ करें। विक्की राज एडवोकेट ने बताया कि उन्हाेंने अपने खून से ही एक पत्र लोकसभा अध्यक्ष को भी लिखा है। उन्हाेंने कहा कि वह संवैधानिक पदों पर बैठे माननीयो को लगातार अपने खून से पत्र लिखकर मोहम्मद आज़म खा के लिए इंसाफ की गुहार लगाएंगे।