22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रामपुर डबल मर्डर केस में 14 साल बाद बड़ा फैसला: भाजपा नेता समेत सभी 8 आरोपी बरी

Rampur News: रामपुर के 14 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में सत्र न्यायालय ने भाजपा नेता समेत सभी 8 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

2 min read
Google source verification
rampur double murder case 8 accused acquitted

रामपुर डबल मर्डर केस में 14 साल बाद बड़ा फैसला..

Double Murder Rampur Acquitted: रामपुर के बहुचर्चित 14 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए भाजपा नेता अवधेश शर्मा समेत सभी आठ आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके चलते सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया।

2012 में नाले से मिले थे दो युवकों के शव

यह मामला 17 मार्च 2012 का है, जब सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के ज्वालानगर स्थित शिव विहार कॉलोनी के पास एक नाले से दो युवकों के शव बरामद हुए थे। घटनास्थल से दो मोटरसाइकिलें भी मिली थीं। बाद में मृतकों की पहचान आगापुर निवासी अजय यादव और मिलक बिचौला निवासी जुल्फिकार के रूप में हुई थी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

परिजनों की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा

घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिसके बाद यह मामला सत्र न्यायालय में विचाराधीन रहा और वर्षों तक सुनवाई चलती रही।

अभियोजन पक्ष नहीं दे सका ठोस सबूत

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को ठोस साक्ष्यों के साथ साबित करने में विफल रहा। बचाव पक्ष ने दलील दी कि पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और आरोपियों को घटना से जोड़ने वाली कोई मजबूत कड़ी मौजूद नहीं है, जिससे संदेह और गहरा हो गया।

दोषमुक्त करने का निर्णय

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि आरोपों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने सभी आठ आरोपियों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया। फैसले के बाद आरोपियों के परिजनों ने राहत की सांस ली और न्याय व्यवस्था पर विश्वास जताया।

घटना का विवरण और मृतकों की पहचान

घटना के दिन शिव विहार कॉलोनी के नाले से बरामद शवों में एक जुल्फिकार का था, जो मिलक बिचौला गांव के निवासी थे, जबकि दूसरा शव अजय यादव का था, जो विकासनगर क्षेत्र के रहने वाले थे। इस दोहरे हत्याकांड ने उस समय पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था।

राजनीतिक द्वेष का भी लगाया गया आरोप

आरोपियों का कहना है कि घटना के समय प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी और कुछ ही दिनों बाद समाजवादी पार्टी की सरकार बन गई थी। उनका आरोप है कि राजनीतिक द्वेष के चलते उन्हें इस मामले में फंसाया गया और पुलिस ने निष्पक्ष जांच नहीं की।

गवाहों की कमी बनी केस की सबसे बड़ी कमजोरी

आरोपियों के अनुसार इस पूरे मामले में केवल दो गवाह ही मौजूद थे और पर्याप्त साक्ष्य नहीं जुटाए जा सके। कई आरोपी कुछ महीनों तक जेल में भी रहे, लेकिन लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी को बरी कर दिया, जिससे उनका पक्ष मजबूत साबित हुआ।

पीड़ित परिवार अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी में

वहीं मृतकों के परिवारों ने निचली अदालत के फैसले पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि उन्हें न्याय नहीं मिला और अब वे इस मामले को उच्च न्यायालय में ले जाएंगे। परिवारों का मानना है कि इस केस में कई ऐसे पहलू हैं, जिन पर अभी भी गहन जांच और पुनर्विचार की आवश्यकता है।