Azam Khan Hearing News: आजम खान के 'जूते साफ कराने' वाले विवादित बयान पर आज रामपुर कोर्ट का फैसला आ सकता है। जानिए क्या है पूरा मामला और क्या आजम खान को मिलेगी राहत?
Azam Khan Hearing News: समाजवादी पार्टी के बड़े नेता आजम खान के राजनीतिक करियर को प्रभावित करने वाले सबसे चर्चित और विवादित बयानों में से एक पर आज फैसले का दिन है। 'ये तनखइया हैं, इनसे मत डरियो… इंशा अल्लाह इनसे जूते साफ कराऊंगा…' रामपुर से लेकर दिल्ली चुनाव आयोग तक गूंजने वाले इस बयान पर रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट शनिवार (16 मई) को अपना फैसला सुना सकती है। अदालत ने आज की तारीख फैसले के लिए तय की है। ऐसे में आज का दिन आजम खान के सियासी और कानूनी भविष्य के लिए बहुत जरूरी माना जा रहा है।
यह पूरा विवाद साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था। उस समय आजम खान रामपुर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे। चुनाव प्रचार के दौरान रामपुर के भोट इलाके में एक रोड शो निकाला जा रहा था। आरोप है कि इसी रोड शो में आजम खान ने वहां के तत्कालीन जिला अधिकारी पर निशाना साधते हुए बेहद तीखी टिप्पणी की थी।
वायरल वीडियो में आजम खान को यह कहते सुना गया था कि 'ये तनखइया हैं, इनसे मत डरियो, उन्हीं के साथ गठबंधन है जो जूते साफ करा लेती हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा…।' यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।
वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग ने मामले पर एक्शन लिया और राज्य चुनाव आयोग से तुरंत रिपोर्ट मांगी। इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर भोट थाने में आजम खान के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन और अमर्यादित भाषा का केस दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिस पर रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। इस मामले में बीते 4 मई को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने आज यानी 16 मई को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी।
एक पुराने मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को निचली अदालत से मिली 7 साल की सजा के खिलाफ सरकार ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की हुई है। सरकार इस सजा को और बढ़वाना चाहती है। शुक्रवार को इस पर आजम खान के वकीलों ने बहस की, जो पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।
आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम पर एक और आरोप है कि उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी उम्र को लेकर गलत हलफनामा जमा किया था। वहीं अब्दुल्ला आजम ने सपा के टिकट पर पूर्व में स्वार से विधानसभा चुनाव लड़ा था और वह चुनाव जीत भी गए थे। जिसमें दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला को पहले ही सजा हो चुकी है। इस केस की अगली सुनवाई 12 जून को होगी।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान का यह मामला हमेशा से सुर्खियों में रहा है। आज आने वाला कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि आजम खान को इस पुराने विवाद से राहत मिलती है या फिर उनकी कानूनी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ने वाली हैं।