रामपुर

आजम खान के मामलों में बढ़ी हलचल: रामपुर कोर्ट में बहस पूरी, अब फैसलों पर टिकी निगाहें

Rampur News: रामपुर कोर्ट में आजम खान से जुड़े दो अहम मामलों में सुनवाई पूरी हो गई है। एक मामले में 29 अप्रैल को बचाव पक्ष की बहस होगी, जबकि शत्रु संपत्ति केस में 2 मई को अदालत बड़ा फैसला सुनाएगी।
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Apr 23, 2026
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आजम खान। Image - FB/@AbdullahAzamKhan

Azam Khan Case: यूपी के रामपुर की अदालतों में सपा नेता आजम खान से जुड़े मामलों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में दो अहम मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें कानूनी प्रक्रिया ने एक निर्णायक मोड़ लिया। लंबे समय से चल रहे इन मामलों में अब तेजी से प्रगति देखने को मिल रही है, जिससे आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं। अदालत में हुई इस सुनवाई ने यह संकेत दे दिया है कि अब केस निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है।

2019 चुनावी बयान मामला: अभियोजन ने रखे तर्क

पहला मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किया गया था। इस मामले में आजम खान पर तत्कालीन जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। यह मुकदमा भोट थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था और तब से न्यायालय में विचाराधीन है। गुरुवार को हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने अपने सभी तर्क अदालत के सामने पेश कर दिए। अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा ने विस्तार से अपनी दलीलें रखते हुए आरोपों को साबित करने का प्रयास किया।

अब बचाव पक्ष की बारी, 29 अप्रैल तय

अभियोजन पक्ष की बहस पूरी होने के बाद अब अदालत ने बचाव पक्ष को अपनी दलीलें पेश करने का अवसर दिया है। इसके लिए 29 अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है। इस दिन बचाव पक्ष अपने पक्ष को मजबूती से अदालत के सामने रखेगा, जिसके बाद मामले की दिशा और अधिक स्पष्ट हो जाएगी। इस सुनवाई को लेकर कानूनी विशेषज्ञों और आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं।

शत्रु संपत्ति मामला: तीन मुकदमों को जोड़ने की मांग

दूसरा मामला शत्रु संपत्ति और उससे जुड़ी जमीन से संबंधित है, जो लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। इस केस में बचाव पक्ष ने तीन अलग-अलग मुकदमों को एक साथ सुनने की मांग की थी। उनका तर्क था कि सभी मामलों का विषय समान है, इसलिए इन्हें एकीकृत कर सुनवाई करना न्यायिक दृष्टि से उचित होगा। इस अर्जी पर काफी समय से बहस चल रही थी, जिससे मामले की जटिलता भी सामने आई।

2 मई को होगा बड़ा फैसला

गुरुवार को इस मुद्दे पर भी बहस पूरी हो गई है और अब अदालत को यह तय करना है कि तीनों मामलों की सुनवाई एक साथ की जाए या अलग-अलग। इसके लिए 2 मई की तारीख तय की गई है। यह फैसला न केवल इस केस की दिशा तय करेगा, बल्कि आगे की सुनवाई की प्रक्रिया को भी प्रभावित करेगा। अब सभी की नजरें अदालत के इस अहम निर्णय पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में बड़ा असर डाल सकता है।