Highlights -डीएम खुद बाइक चलाकर आधी रात में लॉकडाउन चेक करने निकले थे -उन्होंने न स्टाफ और न किसी अधिकारी को दी थी सूचना -सिपाही मोहित ने एलआईसी चौराहे पर डीएम को रोककर वापस जाने को कहा -डीएम के इस तरह से चेकिंग करने से अधिकारी अब हो गए अलर्ट
रामपुर: अगर एक सिपाही अपने वरिष्ठ से अभद्रता कर दे तो उस पर कार्रवाई तय है। लेकिन शुक्रवार रात एक सिपाही ने अपने जिले के डीएम को ही आड़े हाथों ले लिया। लेकिन आज दोपहर जब खुद डीएम ने उस सिपाही को अपने कार्यालय बुलाकर सम्मानित तो हर कोई हैरान रह गया। जी हां रामपुर डीएम आंजनेय कुमार सिंह रात में बिना किसी सरकारी ताम-झाम के शहर में लॉक डाउन की व्यवस्था जानने बाइक से निकले थे। लेकिन डीएम को आम आदमी समझकर सिपाही ने न सिर्फ हडकाया बल्कि लॉक डाउन का मतलब समझाते हुए वापस भेजा। जिस पर डीएम भी मोटर साइकिल लेकर वहां से लौट गए। उन्होंने कई और पॉइंट्स पर अधिकारियों की ड्यूटी को चेक किया। जिसमें उन्हें सुधार की गुंजाइश दिखी। जिन्हें सुधारने के निर्देश उन्होंने सभी अधिकारियों को दिए हैं।
बागपत: कोरोना के दाे नए मामले सामने आए राेगियों की संख्या हुई सात, एक काे मिली छुट्टी
व्यवस्था चेक करने निकले थे डीएम
दरअसल लॉकडाउन का सच जांचने के लिए परिवार वालों को बताकर जिलाधिकारी आधी रात के वक्त अपने एक कर्मचारी की मोटर साइकिल लेकर खुद ही डीएम आवास से से निकल पड़े। नाइट पेट्रोलिंग में कोई पुलिसकर्मी पहचाने न साथ ही कानून का भी उल्लघंन भी न हो, इसके लिए उन्होंने बाकायदा हेलमेट लगा लिया। परिजनों के अलावा किसी कर्मचारी को नहीं बताया कि कहां जा रहे हैं। यहां तक कि बंगले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी उनके गेट के बाहर निकलते वक्त नहीं पहचान पाये कि मोटर साइकिल पर डीएम साहब ही निकले हैं बाहर।
इन इलाकों को किया चेक
मोटर साइकिल पर सवार होकर जिलाधिकारी रामपुर शहर के ज्वाला नगर, अजितपुर, कोसी नदी पुल, मिस्टन गंज, शाहबाद गेट आदि इलाके घूमते रहे। अपने ही शहर में आधी रात के वक्त लॉकडाउन में जिलाधिकारी मोटर साइकिल से दो घंटे तक घूमते रहे। इस दौरान डीएम को महज दो चेकिंग प्वाइंट पर ही रोका गया। शहर में रात के वक्त किस तरह खुलेआम लॉकडाउन की कुछ जगहों पर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह आंख से देखने और जानने के बाद भी डीएम ने रात में किसी को नहीं टोका। सिर्फ प्वाइंट्स के नाम दिमाग में फीड कर लिये।
सिपाही ने किया बढ़िया काम
मीडिया द्वारा सिपाही के व्यवहार पर पूछे गए सवाल पर डीएम बोले असली और सच्चा तो सही मायने में सिपाही ही सरकारी मुलाजिम निकला। जिसने एलआईसी चौराहे पर मुझे रोक लिया। बाकायदा उसने मुझे लॉकडाउन की अहमियत समझाई। साथ ही आईंदा लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने को भी कहा।
किया सम्मानित
डीएम ने सुबह उक्त सिपाही मोहित को अपने कार्यालय बुलाकर प्रशस्ति पत्र दिया और इस प्रकार ही अपनी ड्यूटी करने को कहा। डीएम ने जिन जगहों पर कमियां पायीं थीं वहां भी सुधार के निर्देश दिए। वहीँ पूरे जिले में डीएम द्वारा इस तरह दौरा और उसके बाद इस तरह की कार्रवाई से कर्मचारी और अधिकारी अलर्ट हो गए हैं।