
Azam Khan ED Questioning: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा और कस गया है। मंगलवार को सीतापुर जेल में बंद आजम खान से ईडी की तीन सदस्यीय टीम ने करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ जौहर यूनिवर्सिटी में बनी बिल्डिंग और चांदी की रकम से जुड़े मामलों में हुई। शाम को ईडी टीम जेल से रवाना हो गई।
ईडी की लखनऊ टीम ने सीतापुर जेल पहुंचकर आजम खान से विस्तार से सवाल पूछे। पूछताछ लगभग आठ घंटे तक चली। सूत्रों के अनुसार, टीम ने जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन, दान में मिली रकम और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के बारे में जानकारी मांगी। चांदी की रकम वाले मामले में भी सवाल किए गए। पूछताछ के बाद टीम जेल परिसर से बाहर निकल गई। आजम खान लंबे समय से विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं। इस पूछताछ को ईडी की चल रही जांच का हिस्सा माना जा रहा है।
आजम खान के वकील ने पूछताछ के बाद कहा कि मैं अपने मुवक्किल से कानूनी सलाह के लिए जेल आया था। पहुंचने पर पता चला कि ईडी अधिकारी आजम खान से पूछताछ कर रहे हैं। इस दौरान मैंने अब्दुल्ला आजम से भी लंबी मुलाकात की। ईडी अधिकारी चले गए, उसके बाद आजम खान हमसे मिले। ईडी के पास कोई ऐसा महत्वपूर्ण तथ्य नहीं है, जिसके आधार पर वे ठोस पूछताछ कर सकें। वकील ने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा थी।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने ईडी की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीबीआई, ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियां अब भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी संस्थाओं की तरह काम कर रही हैं। इन संस्थाओं का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने, उनके परिवार और समर्थकों को परेशान करने तथा संस्थाओं को बदनाम करने के लिए नकारात्मक मानसिकता के साथ किया जा रहा है। ये संस्थाएं मूल उद्देश्य से भटक गई हैं। सपा का आरोप है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग हो रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि अगर आपने बबूल का पेड़ लगाया है तो मीठे फल नहीं मिलेंगे। समाजवादी पार्टी और आजम खान साहब ने अपने शासनकाल में तानाशाही अंदाज की राजनीति की और जनता का विश्वास तोड़ा। उन्होंने लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरे और सत्ता का इस्तेमाल अपनी तिजोरी भरने के लिए किया। ये सब उसी का नतीजा है।
एक अन्य मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी की जांच लगातार चल रही है। दानदाताओं से भी पूछताछ हुई है। कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। इसी संदर्भ में ईडी आजम खान साहब से पूछताछ कर रही है। यह जांच एजेंसी की प्रक्रिया है। ईडी अपना काम कर रही है और इसका कोई राजनीतिक संबंध नहीं हो सकता।