
FFS App Rampur: भारत सरकार द्वारा किसानों को उर्वरक वितरण में अधिक पारदर्शिता, सुविधा और समय की बचत देने के उद्देश्य से फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (FFS) मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। इस ऐप के माध्यम से अब किसान अपने घर बैठे ही उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे। प्रारंभिक चरण में इस डिजिटल व्यवस्था को उत्तर प्रदेश के रामपुर और सीतापुर जिलों में लागू किया जा रहा है, जिसे आने वाले समय में अन्य जिलों में भी विस्तार दिया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि इस ऐप में किसान अपने आधार कार्ड या फार्मर आईडी के माध्यम से आसानी से लॉगिन कर सकेंगे। लॉगिन करने के बाद किसान अपने नजदीकी उर्वरक विक्रेता की उपलब्धता देखकर आवश्यक मात्रा में खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर पाएंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
अधिकारी के अनुसार, जब किसान बुकिंग पूरी करेंगे तो उनके मोबाइल पर एक बुकिंग आईडी और QR कोड जनरेट होगा। इसी QR कोड के आधार पर किसान निर्धारित विक्रेता से सीधे उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी बल्कि वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
इस नई डिजिटल व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि किसानों को अब उर्वरक खरीदने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि यह प्रणाली किसानों के समय की बचत करेगी और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत प्रदान करेगी। साथ ही यह व्यवस्था उर्वरक वितरण को अधिक प्रभावी और नियंत्रित बनाएगी।
कृषि विभाग के अनुसार, खरीफ फसलों के लिए जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में 20,844 मीट्रिक टन यूरिया, 3,794 मीट्रिक टन डीएपी और 8,202 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक का भंडारण उपलब्ध है। विभाग ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष शत-प्रतिशत अधिक आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
जिला कृषि अधिकारी ने जानकारी दी कि जून माह के लिए निर्धारित 8,563 मीट्रिक टन यूरिया लक्ष्य के मुकाबले इस समय 251 प्रतिशत अधिक यूरिया उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी स्तर पर उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचता है या अनावश्यक रूप से अन्य उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत कंट्रोल रूम में की जाए। शिकायत मिलने पर जांच के बाद संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।