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IITian बाबा का काला साम्राज्य बेनकाब: शिष्यों के खून की होगी जांच, लैपटॉप से खुल सकते हैं बड़े राज

Mathura Sexual Abuse Case: आईआईटीयन बाबा अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस शिष्यों के ब्लड सैंपल की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उन्हें किसी नशीले पदार्थ का सेवन कराया जाता था या नहीं।

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मथुरा

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Mohd Danish

Jun 04, 2026

iitian baba abhishek mishra drug sexual abuse investigation

IITian बाबा का काला साम्राज्य बेनकाब

IITian Baba Abhishek Mishra: मथुरा में चर्चित आईआईटीयन बाबा अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास से जुड़े मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। दुष्कर्म, नशीले पदार्थों के इस्तेमाल और संगठित नेटवर्क के आरोपों के बीच अब पुलिस वैज्ञानिक जांच का सहारा लेने जा रही है। पुलिस का मानना है कि आश्रम में रहने वाले कई युवक और युवतियां लंबे समय तक बाबा के प्रभाव में रहे, इसलिए उनके खून की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि उन्हें किसी प्रकार का नशीला पदार्थ या विशेष दवा तो नहीं दी जाती थी।

शिष्यों के ब्लड टेस्ट से सामने आएगी सच्चाई

पुलिस ने अलग-अलग राज्यों की उन युवतियों और युवकों से संपर्क शुरू कर दिया है, जिन्होंने बाबा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्हें बयान दर्ज कराने और ब्लड सैंपल देने के लिए मथुरा बुलाया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि आश्रम में रहने के दौरान उनके व्यवहार और मानसिक स्थिति में जो बदलाव आए, उसके पीछे कोई नशीला पदार्थ या मस्तिष्क को प्रभावित करने वाली दवा तो जिम्मेदार नहीं थी। पुलिस को संदेह है कि इस तरह के पदार्थों का उपयोग कर शिष्यों को अपने प्रभाव में रखा जाता था।

दूध में भांग मिलाकर देने का आरोप

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बाबा कथित रूप से युवतियों को दूध में भांग या अन्य नशीले तत्व मिलाकर देता था। आरोप है कि इसके बाद बेहोशी की स्थिति में उनके साथ गलत काम किए जाते थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक जांच और ब्लड टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद मामले की वास्तविकता अधिक स्पष्ट होगी। इसके आधार पर आगे के साक्ष्य जुटाए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई को मजबूत किया जाएगा।

नर्सिंग छात्रा की शिकायत से खुला मामला

पूरा मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ के बालको कोरबा क्षेत्र की एक नर्सिंग छात्रा ने बाबा के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि उसे नशीला दूध पिलाकर दुष्कर्म किया गया और उसके अश्लील वीडियो भी बनाए गए। बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं।

अन्य पीड़ित भी आ रहे सामने

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य पीड़ित भी सामने आने लगे हैं। दो युवतियों ने भी बाबा पर दुष्कर्म के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम निवासी एक पीएचडी छात्र ने भी बाबा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। लगातार बढ़ती शिकायतों ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।

किराए के कमरे से बना आलीशान आश्रम

स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ वर्ष पहले तक बाबा किराए के मकान में रहता था, लेकिन धीरे-धीरे उसने अपना प्रभाव बढ़ाया और बड़ा आश्रम खड़ा कर लिया। पूर्व मकान मालिक का दावा है कि उसके घर में रहते समय बड़ी संख्या में युवक और युवतियों का आना-जाना लगा रहता था। उन्हें बाबा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने मकान खाली करा लिया था। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इतनी तेजी से आर्थिक विस्तार कैसे हुआ।

लैपटॉप और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बाबा के लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विश्लेषण माना जा रहा है। पुलिस ने इन उपकरणों को कब्जे में लेकर साइबर विशेषज्ञों की मदद से डेटा की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड से कई ऐसे नाम और कड़ियां सामने आ सकती हैं, जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभाते रहे हों।

डिलीट डेटा और चैट हिस्ट्री पर फोकस

साइबर सेल की टीम डिलीट किए गए डेटा, चैट बैकअप, ईमेल और अन्य डिजिटल दस्तावेजों को रिकवर करने में जुटी है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन रिकॉर्ड्स से यह जानकारी मिल सकती है कि आश्रम के संचालन, संपर्कों और कथित गतिविधियों में किन लोगों की भूमिका रही। साथ ही कई आर्थिक लेन-देन की परतें भी खुल सकती हैं।

विदेशी फंडिंग और संदिग्ध लेन-देन की जांच

पुलिस अब बाबा के बैंक खातों, दान राशि और वित्तीय स्रोतों की भी गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आश्रम को मिलने वाला धन कहां से आता था और क्या इसमें विदेशी स्रोतों की कोई भूमिका थी। जांच एजेंसियां संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन और आर्थिक गतिविधियों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की वित्तीय संरचना को समझा जा सके।

बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल

राधाकुंड क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि इलाके में बड़ी संख्या में बाहरी नागरिक साधु और भिक्षु के रूप में रह रहे हैं। उनका कहना है कि पहले भी यहां से बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

जांच के बाद सामने आ सकते हैं अहम खुलासे

आईआईटीयन बाबा से जुड़ा मामला अब केवल दुष्कर्म के आरोपों तक सीमित नहीं रह गया है। नशीले पदार्थों के इस्तेमाल, कथित संगठित नेटवर्क, आर्थिक स्रोतों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच ने इसे और गंभीर बना दिया है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक रिपोर्ट, डिजिटल डेटा और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में जांच से कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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