
रामपुर. जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) के दिन घर के बाहर सड़क पर बैडमिंटन खेलना दो युवकों को उस वक्त महंगा पड़ गया, जब मौके पर एडीएम प्रशासन और एडीएम राजस्व समेत सिटी मजिस्ट्रेट की टीम मौके पर पहुंच गई। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। इस पर युवकों ने बहस की तो उन्हें लठियाते हुए अपनी जीप में बिठाकर थाने भेज दिया। अब कोतवाली सिविल लाइन पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
दरअसल, यह घटना रामपुर कोतवाली सिविल लाइन इलाके के सूरज टॉकीज इलाके की है। जहां जनता कर्फ्यू के दौरान सड़क पर तीन युवक बैडमिंटन खेल रहे थे। इसी बीच मौके पर एडीएम प्रशासन और एडीएम राजस्व समेत सिटी मजिस्ट्रेट की टीम मौके पर पहुंच गई। यह देखते ही एक युवक ने दौड़ लगा दी। जबकि दो युवकों को पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया। एडीएम प्रशासन और सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों युवकों से पहले पूछा कि आपको मालूम नहीं प्रधानमंत्री ने क्या कहा है? आपको भले ही अपनी चिंता न हो, लेकिन दूसरे लोगों की चिंता होनी चाहिए। जैसे ही इस सवाल का जवाब मिला कि हम तो बैडमिंटन खेल रहे थे। इतना सुनते ही अधिकारी गुस्से से आगबबूला हो गए। फिर क्या था सिटी मजिस्ट्रेट ओर एडीएम प्रशासन ने उनको जमकर लताड़ लगाई और लाठियाते हुए अपनी कार में बिठाकर थाने भेज दिया। साथ ही कोतवाल को कहा कि इनके खिलाफ मुकदमा लिखकर इन्हें जेल भेजें। अब कोतवाल बृजेंद्र सिंह पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।
बताया जा रहा है कि जनता कर्फ्यू के दौरान एडीएम प्रशासन जगदम्बा प्रसाद और सिटी मजिस्ट्रेट सर्वेश गुप्ता व एडीएम राजस्व राम भरत तिवारी नगर के सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग के लिए निकले थे। एडीएम राम भरत तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 2 दिन पहले ही देश की जनता से आग्रह किया था और उसी आग्रह पर जिला प्रशासन ने उनके आग्रह को देखते हुए नगर में तमाम मजिस्ट्रेट और पुलिस के अफसर तैनात किए हैं। सुबह से ही हम लोग जगह-जगह जाकर जांच पड़ताल कर रहे हैं। ज्यादातर लोग बंद का साथ दे रहे हैं। कोरोना एक गंभीर बीमारी है उसी को लेकर आज बंद है।