School Update: .योगी सरकार ने 16 जून से यूपी के माध्यमिक परिषदीय स्कूल खोल तो दिए हैं लेकिन व्यवस्थाएं शून्य है। हाल ये हैं कि बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा 1 जून से प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में शक्षिण कार्य आरम्भ कर दिया हैं। विधालयों के खुलते ही ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का वद्यिालय आना शुरू हो गया हैं। विकास खण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरौल में प्राथमिक विद्यालय की ईमारत जमीदोज होने के कारण छोटे छोटे बच्चों को विद्यालय परिषद में लगे बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर शिक्षा पाने को मजबूर हैं।
इस उमस गर्मी के इस मौसम में दोपहर के समय काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य अभिषेक मिश्रा ने बताया दोपहर के समय उमस के साथ गर्म हवा चलने से बच्चों का बुरा हाल हो जाता हैं। विद्यालय की ईमारत पुरानी होने के कारण विभाग द्वारा जमीदोज करा दिया गया था। तब से लेकर अब तक बच्चों को बरगद के पेड़ के नीचे मजबूरी में पढ़ना पड़ रहा हैं। वर्तमान में वद्यिालय में पंजीकृत छात्रों की संख्या 132 हैं। डर लगा रहता हैं कि गर्मी व उमस से कही बच्चों का स्वास्थ्य न गड़बड़ा जाए। ऐसे मौसम में अगर वर्षा होना शुरू हो जाए तो बच्चों को वर्षा के पानी से भीगने से बचा पाना नामुमकिन सा हैं।
अश्वासन देकर कट लेते हैं अफसर
शिक्षा विभाग अधिकारी ज्ञानप्रकाश अवस्थी ने कहा कि वद्यिालय निर्माण का पैसा आते ही विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल अभी स्कूल में पेड़ के नीचे ही शिक्षण कार्य अच्छे से चल रहा है। इतना ही कहकर अफसर अपना किनारा कर लेते हैं। लेकिन गर्मियों में बच्चों की हालात खराब है। तपती लू में बच्चों को बैठ कर बिना किसी सुविधा के पढ़ाई करना पड़ रहा है।